डॉ. पुष्पेंद्र लहरे बने नवागढ़ के नए बीएमओ, नियुक्ति के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पुराने विवाद फिर चर्चा में… CMHO की कार्यशैली पर उठे सवाल।

डॉ. पुष्पेंद्र लहरे बने नवागढ़ के नए बीएमओ, नियुक्ति के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पुराने विवाद फिर चर्चा में… CMHO की कार्यशैली पर उठे सवाल
जांजगीर-चांपा। नवागढ़ विकासखंड के प्रभारी बीएमओ पद पर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह लहरे की नियुक्ति के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पुराने विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव के आदेश के बाद विभाग के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का आरोप है कि जिले में पदस्थापना और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के वितरण को लेकर लंबे समय से पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि कोरोना काल के दौरान तत्कालीन बीएमओ के कार्यकाल में कई फैसले विवादों में रहे। उस समय कोरोना प्रबंधन में कथित अनियमितताओं, सरकारी सुविधा लेकर एमडी की पढ़ाई करने के बाद भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने तथा विभाग में लगातार अहम और कथित रूप से “मलाईदार” पदों पर तैनाती को लेकर कई बार सवाल उठे थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।विभाग के जानकार यह भी आरोप लगाते हैं कि बिना अस्पताल भवन पूरी तरह तैयार हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कोरोना अस्पताल का उद्घाटन कराया गया था, जिसे लेकर उस समय जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की काफी किरकिरी हुई थी। अब डॉ. पुष्पेंद्र लहरे के बीएमओ बनते ही इन पुराने मामलों की चर्चा फिर तेज हो गई है।स्वास्थ्य विभाग के भीतर यह भी चर्चा है कि विवादों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा के बजाय प्रशासनिक फेरबदल कर नए प्रभार सौंपे जा रहे हैं। इसी वजह से सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं और पदस्थापना प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।
हालांकि, इन सभी आरोपों पर सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।












