जांजगीर-चांपा के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक अध्याय, मेडिकल कॉलेज की सौगात बनेगी मील का पत्थर : इंजीनियर श्रीमती मंजूषा पाटले।

जांजगीर-चांपा के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक अध्याय, मेडिकल कॉलेज की सौगात बनेगी मील का पत्थर : इंजीनियर श्रीमती मंजूषा पाटले
जांजगीर-चांपा। जिले को 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने परभारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान प्रबंधन समिति सदस्य इंजीनियर श्रीमती मंजूषा पाटले ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे जांजगीर-चांपा के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से जिस मेडिकल कॉलेज की मांग की जा रही थी, वह अब साकार होने जा रही है। यह सौगात जिले के लाखों लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिले में डॉक्टरों की संख्या में लगातार वृद्धि होगी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही जिले में मिल सकेगा। अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की भी बचत होगी तथा स्वास्थ्य सेवाएं पहले से अधिक सशक्त और प्रभावी बनेंगी।
इंजीनियर श्रीमती मंजूषा पाटले ने कहा कि मेडिकल कॉलेज केवल चिकित्सा शिक्षा का संस्थान नहीं, बल्कि जांजगीर-चांपा के समग्र विकास की नई पहचान बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा, रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिले के प्रभारी मंत्री, तथा जांजगीर-चांपा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों और सकारात्मक पहल का ही परिणाम है कि जिले को यह बहुप्रतीक्षित सौगात मिली है।उन्होंने जिलेवासियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना आने वाले समय में जांजगीर-चांपा को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी तथा यह निर्णय जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।












