बिरगहनी क्रेशर हादसे में मजदूर की मौत सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल।
जांजगीर-चांपा। बिरगहनी स्थित प्रकाश राठौर क्रेशर में 55 वर्षीय मजदूर की मौत के बाद अब क्रेशर की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। काम के दौरान मजदूर के पट्टे में फंसने से हुई मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर खदान और क्रेशर में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए कितने पुख्ता इंतजाम किए गए थे?क्या क्रेशर में मशीनों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा कवच और जरूरी सेफ्टी उपकरण मौजूद थे? क्या मजदूरों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? अगर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी, तो इतना गंभीर हादसा कैसे हो गया?हादसे के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है और वे उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।अब जांच के साथ-साथ यह भी देखना जरूरी होगा कि क्रेशर में सुरक्षा मानकों का वास्तव में पालन हो रहा था या सिर्फ कागजों में सुरक्षा के दावे किए जा रहे थे। जिम्मेदार विभाग द्वारा क्रेशर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन की जांच की जाती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।












