जांजगीर-चांपा युवा कांग्रेस चुनाव में घमासान, पूर्व अध्यक्ष बनाम वर्तमान अध्यक्ष का पैनल आमने-सामने, त्रिकोणीय मुकाबले में वर्चस्व की जंग।

जांजगीर-चांपा युवा कांग्रेस चुनाव में घमासान, पूर्व अध्यक्ष बनाम वर्तमान अध्यक्ष का पैनल आमने-सामने, त्रिकोणीय मुकाबले में वर्चस्व की जंग
जांजगीर-चांपा जिला युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव ने अब पूरी तरह सियासी रंग ले लिया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही संगठन के भीतर चुनाव इस बार सिर्फ पदों का नहीं, बल्कि संगठन में वर्चस्व और ताकत साबित करने की लड़ाई बन गया है।चुनावी मैदान में एक ओर तीन बार जिला युवा कांग्रेस की कमान संभाल चुके पूर्व जिला अध्यक्ष का पैनल है, तो दूसरी ओर वर्तमान मनोनीत जिला अध्यक्ष का पैनल पूरी ताकत के साथ मैदान में डटा हुआ है। इसके अलावा तीसरे गुट की सक्रियता ने मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है।जिले की तीनों विधानसभा—जांजगीर-चांपा, अकलतरा और पामगढ़—से मैदान में उतरे प्रत्याशी अपनी-अपनी पकड़ मजबूत बताते हुए जीत का दावा कर रहे हैं। संगठन के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संपर्क, बैठकों और रणनीति का दौर जारी है। ऐसे में हर विधानसभा क्षेत्र में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है और चुनाव पूरी तरह त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।युवा कार्यकर्ताओं में चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह है। सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक प्रचार अभियान तेज हो चुका है। वहीं जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता फिलहाल खुलकर किसी गुट के पक्ष में सामने नहीं आए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में पर्दे के पीछे समर्थन और रणनीति की चर्चाएं तेज हैंराजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव केवल संगठनात्मक पदों का चुनाव नहीं, बल्कि जिले में कांग्रेस की भविष्य की राजनीति का शक्ति परीक्षण भी है। नतीजे यह तय करेंगे कि युवा कांग्रेस में किस गुट का वर्चस्व कायम होगा और आने वाले समय में संगठन की कमान किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
अब नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चुनावी मुकाबला अपने निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। सभी की निगाहें मतदान और परिणाम पर टिकी हैं, जहां हर विधानसभा में मजबूत प्रत्याशियों के बीच वर्चस्व की जंग देखने को मिलेगी।












