शिक्षक के बेजा कब्जे में बन रहे मकान ने ली मजदूर की जान
11 केवी हाईवोल्टेज लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत


परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश, पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
जांजगीर-चाम्पा। जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमोदा में गुरुवार को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव में कथित रूप से बेजा कब्जे की जमीन पर बनाए जा रहे निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे एक मजदूर की 11 केवी हाईवोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक संतोष कुमार कर्ष पिता महेततर कर्ष उम्र करीब 40 वर्ष निवासी हरदी हरि मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। गुरुवार को वह ग्राम अमोदा में शासकीय शिक्षक राजेंद्र यादव के निर्माणाधीन मकान में काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर मकान का निर्माण किया जा रहा था, उसके ठीक ऊपर से 11 केवी हाईवोल्टेज बिजली लाइन गुजर रही थी। निर्माण कार्य के दौरान अचानक संतोष बिजली लाइन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नवागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। इधर हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवोल्टेज लाइन के नीचे निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जो पूरी तरह खतरनाक और नियमों के विपरीत है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो शायद मजदूर की जान बच सकती थी। गांव में इस बात की भी चर्चा तेज है कि निर्माणाधीन मकान को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ लेने का मामला भी सामने आ रहा है। ग्रामीणों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि इस संबंध में अब तक किसी अधिकारी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन हादसे के बाद पूरे मामले को लेकर गांव में माहौल गरमा गया है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। अब पुलिस और संबंधित विभाग इस बात की जांच में जुटे हैं कि निर्माण कार्य किन परिस्थितियों में कराया जा रहा था, क्या निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई।
डायरी मिलने के बाद कि जायेगी कार्यवाही
इस संबंध में नवागढ़ थाना प्रभारी मणिकांत पांडेय का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है, जिला अस्पताल जांजगीर में मर्ग कायम होने के बाद डायरी का इंतजार है, जैसे डायरी थाना पहुँचे मामले में त्वरित कार्यवाही की जायेगी।












