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अधिकारियों को ब्लैकमेल करने वाले राईस मिलर के मुंशी का भंडाफोड़कलेक्टर की जाँच के बाद 2 विभागीय कर्मचारी भी बर्खास्तहो सकती हैं सभी के खिलाफ एफआईआर

रायपुर बलौदाबाजार। प्रदेश के बलौदा बाजार-भाटापारा में राइस मिलर्स और अधिकारियों के बीच बिचौलिए शातिर तत्व द्वारा शासकीय अधिकारियों को डराने, चमकाने और शासन स्तर पर जिले की छवि खराब करने के एक बड़े नेटवर्क और षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है। राईस मिलर्स के नाम पर मुख्य सचिव महोदय को भेजी गई एक फर्जी और मनगढ़ंत शिकायत की जब कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा के निर्देश पर उच्च स्तरीय जाँच कराई गई, तो इस पूरी साज़िश के पीछे दलाल चेतन महिलांगे का चेहरा मुख्य रूप से सामने आया है। इस रिपोर्ट के बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चेतन के जाल में शामिल दो विभागीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है और तीनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जा रहा है।

राईस मिलर चेतन महिलांगे की साज़िश का ऐसे हुआ खुलासाबीते दिनों मुख्य सचिव को संबोधित एक शिकायती पत्र दिनांक 22/03/2026 अज्ञात ई-मेल से भेजा गया था, जिसमें मिलर्स को प्रताड़ित करने और शासकीय चावल की हेराफेरी के झूठे आरोप लगाए गए थे। जब कलेक्टर द्वारा गठित संयुक्त जाँच टीम खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी और नोडल अधिकारी ने इसकी गहराई से जाँच की, तो परतें खुलती चली गयी जिसमें जाँच टीम के समक्ष जिले के समस्त मिलर्स ने स्पष्ट बयान दिया कि उनकी तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई है और न ही उन्हें कोई प्रताड़ना है। यह शिकायत मिलर्स के नाम का दुरुपयोग कर चमकाने के लिए चेतन महिलांगे द्वारा रची गई थी। दैनिक वेतन भोगी को बनाया मोहरा: पुलिस विभाग द्वारा जब उस अज्ञात ई-मेल की फोरेंसिक जाँच कराई गई, तो वह कसडोल वेयरहाउस के दैनिक वेतन भोगी श्रमिक रेशम लाल महिलांगे के मोबाइल नंबर से भेजा जाना पाया गया। कड़ाई से पूछताछ में रेशम लाल ने कबूल किया कि राइस मिलर दलाल चेतन महिलांगे ने उसके ऊपर दबाव बनाकर उसके मोबाइल से यह फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करवाई और शिकायत आगे भेजी।

जाँच के दौरान आरोपी के मोबाइल से तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग भी बरामद हुईं, जिससे साबित हुआ कि चेतन महिलांगे ने विभाग के भीतर ही अपने मुखबिर तैयार कर रखे थे। इस साज़िश में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन (नान) का प्लेसमेंट प्रोग्रामर वेदुला श्रीधर भी शामिल था, जो चेतन महिलांगे को दलाली और ब्लैकमेलिंग करने के लिए विभाग की अत्यंत गोपनीय और शासकीय जानकारियां लीक कर रहा था। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि राइस मिलिंग व्यवस्था में दलाली करने वाले और फर्जी शिकायतों के दम पर ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क चलाने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

विभागीय कार्रवाई पूर्ण होने के बाद अब मुख्य सूत्रधार चेतन महिलांगे, उसके सहयोगी रेशम लाल महिलांगे और वेदुला श्रीधर के विरुद्ध पुलिस में आपराधिक मामला (एफआईआर) दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। फर्जी शिकायतों की पुरानी आदतविस्तृत जाँच रिपोर्ट में यह बात विशेष तौर पर रेखांकित की गई है कि चेतन महिलांगे की पूर्व में भी विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की छवि को शासन स्तर पर षड्यंत्रपूर्वक बदनाम करने की नीयत से फर्जी शिकायतें करने और दलाली की प्रवृत्ति रही है। वह अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और अवैध लाभ के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग कर फर्जी ई-मेल आईडी बनाता है और उच्च कार्यालयों में झूठी शिकायतें भेजकर अधिकारियों व राइस मिलर्स पर दबाव बनाने का धंधा चला रहा था।

कलेक्टर की रिपोर्ट पर शासन का बड़ा हंटर: सहयोगी कर्मचारी बर्खास्तदलाल चेतन महिलांगे के इस कुटरचित नेटवर्क का साथ देने वाले विभागीय तंत्र पर शासन ने सबसे कड़ी कार्रवाई की है। मददगार श्रमिक बर्खास्तछत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन मुख्यालय ने आदेश क्रमांक 6704, दिनांक 16/06/2026) जारी कर चेतन के दबाव में आकर फर्जी ई-मेल भेजने वाले श्रमिक रेशम लाल महिलांगे को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन ने भी आदेश जारी कर चेतन महिलांगे को गोपनीय जानकारियां देने वाले और साज़िश रचने वाले कंप्यूटर प्रोग्रामर वेदुला श्रीधर की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी हैं।

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