News

बिजली बकायादारों पर विभाग की बड़ी कार्रवाई

378 कनेक्शन काटे, 52.52 लाख रुपए वसूले

जांजगीर-चाम्पा। बिजली बिल बकायादारों के खिलाफ विद्युत विभाग ने 27 अगस्त को अकलतरा, पामगढ़ और शिवरीनारायण क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई करते हुए सामूहिक लाइन विच्छेदन अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 378 विद्युत कनेक्शन काटे गए, वहीं बकायादार उपभोक्ताओं से मौके पर ही 52 लाख 52 हजार 600 रुपए की राजस्व वसूली की गई। रायगढ़ क्षेत्र के मुख्य अभियंता मनीष तनेजा के निर्देशन एवं जांजगीर के अधीक्षण अभियंता अमर चौधरी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में अकलतरा विकासखंड, पामगढ़ विकासखंड एवं शिवरीनारायण क्षेत्र के बकायादार उपभोक्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार जिन 378 कनेक्शनों पर कार्रवाई की गई, उन पर कुल करीब एक करोड़ 21 लाख 25 हजार 200 रुपए की बकाया राशि थी। अभियान के दौरान उपभोक्ताओं से 52.52 लाख रुपए की राशि वसूल की गई।विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि लाइन विच्छेदन के बाद यदि कोई व्यक्ति बिना विभागीय अनुमति स्वयं कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2005 की धारा 135/138 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बकाया बिजली बिल का समय पर भुगतान करें और अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग न करें।

समाधान योजना की भी दी जानकारी

अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 की जानकारी भी दी। पात्र उपभोक्ताओं को योजना के माध्यम से बकाया बिजली बिल एवं सरचार्ज में निर्धारित छूट का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि बकाया बिजली बिल का भुगतान करने के बाद पात्र घरेलू उपभोक्ता राज्य शासन की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 200 यूनिट तक की बिजली खपत पर निर्धारित छूट का लाभ दिया जाता है।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान

विद्युत विभाग ने साफ किया है कि बकाया बिजली बिलों की वसूली और लाइन विच्छेदन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य बकाया राजस्व की वसूली के साथ-साथ उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल भुगतान के लिए जागरूक करना है, ताकि विद्युत व्यवस्था सुचारु बनी रहे और बकाया राशि का बोझ कम किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button