जांजगीर चांपा

जांजगीर म गूंजही छत्तीसगढ़िया संस्कृति के रंग, पोरा रैली अऊ कमरछठ तिहार के भव्य आयोजन,

विलुप्त होवत छत्तीसगढ़ी तिहार ल फेर ले जिंदा करे बर जांजगीर म निकलही जबर पोरा रैली

जांजगीर म हमर छत्तीसगढ़ के माटी, संस्कृति अऊ परंपरा ल बचाय अऊ आगू बढ़ाय बर एक ब1ड़े पहल करे जावत हे,, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के तत्वावधान म जबर पोरा रैली अऊ कमरछठ तिहार के भव्य आयोजन रखे गे हे,,
आज के बदलत समय म हमर छत्तीसगढ़ के कई गोठ-बात, रीति-रिवाज अऊ परंपरागत तिहार मन धीरे-धीरे विलुप्त होवत जात हे,, नवा पीढ़ी अपन पुरखा मन के तिहार अऊ संस्कृति ले दूर होवत जावत हे,, अऊ दूसर प्रदेश के तिहार अऊ संस्कृति के असर घलो दिन-ब-दिन बढ़त जावत हे,,अइसने समय म अपन माटी, भाषा, भाखा, भेषभूषा अऊ परंपरा ल बचाय बर समाज के तरफ ले अब एकजुट होके पहल करे जावत हे,, आयोजक मन के कहना हे कि हमर छत्तीसगढ़ के अपन तिहार अऊ लोक परंपरा ल शासन-प्रशासन के तरफ ले जइसने संरक्षण मिलना चाही, वो मिल नइ पावत हे,, एही से हमर कई परंपरा धीरे-धीरे खोवत जावत हे,,एला देखत छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना अब अपन संस्कृति ल फेर ले जन-जन तक पहुंचाय अऊ नवा पीढ़ी ल हमर पुरखा मन के परंपरा संग जोड़ाय बर ये आयोजन करावत हे,, पोरा तिहार हमर खेती-किसानी अऊ गांव के जीवन संग जुड़ल हमर पारंपरिक तिहार आय,, वहीं कमरछठ घलो हमर छत्तीसगढ़ के लोक आस्था अऊ परंपरा के एक खास हिस्सा आय,,
2 सितंबर 2026, बुधवार के बिहान 10 बजे ले जांजगीर म जबर पोरा रैली निकाली जाही,, रैली हॉकी मैदान ले सुरू होके हाई स्कूल मैदान तक जाही,, रैली म छत्तीसगढ़ी संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा अऊ हमर लोक परंपरा के झलक देखे बर मिलही,,आयोजक मन के तरफ ले जम्मो संगवारी मन ल सपरिवार ए आयोजन म शामिल होय बर नेवता दे गे हे,, संगवारी मन ले अपील करे गे हे कि जियादा ले जियादा संख्या म पहुंचव अऊ हमर माटी के तिहार, हमर संस्कृति अऊ हमर पहचान ल बचाय के ए मुहिम म अपन भागीदारी निभावव,,काबर कि जेन समाज अपन संस्कृति ल भुला देथे, वो समाज अपन पहचान ल घलो धीरे-धीरे खो देथे,, एही से हमर छत्तीसगढ़ के तिहार अऊ परंपरा ल जिंदा रखे बर अब समाज ल खुद आगू आना जरूरी हे,,ये आयोजन सिरिफ रैली अऊ तिहार मनाय तक सीमित नइ हे,, बल्कि विलुप्त होवत छत्तीसगढ़ी संस्कृति ल फेर ले जिंदा करे, बाहरी संस्कृति के बढ़त प्रभाव के बीच अपन पहचान ल बचाय अऊ नवा पीढ़ी तक हमर पुरखा मन के धरोहर पहुंचाय के एक बड़े प्रयास के रूप म देखे जा सकथे,,

 

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