रक्षाबंधन पर पुलिस भाइयों की कलाई पर सजा रक्षा सूत्र, ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया प्रेम, सुरक्षा और अध्यात्म का संदेश।

जांजगीर के रक्षित आरक्षी केंद्र में रक्षाबंधन का पावन पर्व इस बार भाई-बहन के प्रेम के साथ आध्यात्मिक संदेश और आपसी विश्वास के रूप में मनाया गया,, प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज की बहनों ने पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना की,, भड़ेसर, होली हंस सरोवर मुनुन्द और जांजगीर पेंड्री सेवाकेंद्र से पहुंची ब्रह्माकुमारी बहनों ने पुलिस भाइयों को राखी बांधी और रक्षाबंधन के वास्तविक आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराया,,इस दौरान ब्रह्माकुमारी चन्द्रिका ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने और बहन की रक्षा का वचन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा और परमात्मा के बीच पवित्र संबंध और सुरक्षा का भी संदेश देता है,, उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति किसी न किसी बंधन से मुक्त होना चाहता है, लेकिन रक्षाबंधन का यह पवित्र बंधन ऐसा है, जिसमें भाई सहज भाव से बंधकर बहन की रक्षा का संकल्प लेता है,, उन्होंने कहा कि जब भाई दूर हो, छोटा हो या किसी ऐसी परिस्थिति में हो जहां वह बहन की मदद के लिए तत्काल पहुंच न सके, तब परमपिता परमात्मा ही सबसे बड़ा सहारा बनते हैं,,ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि वर्तमान समय में हर मनुष्य को ऐसी आध्यात्मिक राखी की आवश्यकता है, जो केवल कलाई तक सीमित न रहे, बल्कि तन, मन और धन सहित जीवन को नकारात्मक शक्तियों और बुराइयों से सुरक्षित रखने का संकल्प दे,, कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी और जवानों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और ब्रह्माकुमारी बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाया,,राखी बांधने के बाद सभी पुलिसकर्मियों को प्रसाद वितरित किया गया,, इस दौरान ब्रह्माकुमारी सरस्वती, ब्रह्माकुमारी खुशबू, बी.के. फिरत, बी.के. ओशिका सहित अन्य भाई-बहनें मौजूद रहे,, रक्षाबंधन के इस आयोजन ने पुलिस परिवार और ब्रह्माकुमारीज के बीच भाई-बहन के स्नेह और आध्यात्मिक जुड़ाव की खूबसूरत मिसाल पेश की,, कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों और ब्रह्माकुमारी बहनों ने सामूहिक तस्वीर खिंचवाकर इस खास पल को यादगार बनाया,,












