Newsजांजगीर चांपा

शिक्षा विभाग में रीलबाजी का नया कलेवर! स्कूल में पढ़ाई कम, सोशल मीडिया पर रीलों का जोर? शिक्षकों की हरकतों से पूरेप्रदेश में चर्चा

शिक्षा विभाग में फिर रीलबाजी का कलेवर, शिक्षकों की हरकतों से पूरे जिले में चर्चा! अटेंडेंस ऐप विरोधी वीडियो के बाद उठे गंभीर सवाल—शिक्षकीय मर्यादा पर कब लगेगी लगाम?

जांजगीर-चांपा जिले का शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है,, शिक्षकों से जुड़े लगातार सामने आ रहे अलग-अलग मामलों ने विभागीय व्यवस्था और शिक्षकीय गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं,, कभी शिक्षकों के कथित रोमांस का मामला चर्चा में आता है, तो कभी स्कूल की प्रार्थना के दौरान कथित अनैतिक गतिविधियों के वीडियो सामने आते हैं,, अब सोशल मीडिया पर रीलबाजी का नया मामला चर्चा का विषय बना हुआ है,, अटेंडेंस ऐप के विरोध में एक शिक्षिका का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में एक बार फिर बहस छिड़ गई है,एक तरफ शासन-प्रशासन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और डिजिटल व्यवस्था लागू करने की कोशिश कर रहा है,, वहीं दूसरी तरफ कुछ शिक्षकों की सोशल मीडिया गतिविधियां विभाग के लिए लगातार चुनौती बनती जा रही हैं,, इन घटनाओं का असर उन शिक्षकों पर भी पड़ रहा है जो पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने शिक्षकीय दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं,, कुछ लोगों की वजह से पूरे शिक्षक समुदाय की छवि पर सवाल उठना निश्चित तौर पर अच्छे शिक्षकों के लिए भी चिंता का विषय है,,सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शिक्षा विभाग में ऐसे मामले बार-बार सामने क्यों आ रहे हैं,, क्या विभागीय स्तर पर शिक्षकों के लिए सोशल मीडिया और सेवा आचरण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और उनकी निगरानी की व्यवस्था है,, या फिर मामला वायरल होने के बाद केवल सलाह और चेतावनी तक ही सीमित रह जाता है,,
वहीं जिले में शिक्षक संगठनों की भी कमी नहीं है,, अलग-अलग मुद्दों को लेकर संगठन अपनी आवाज बुलंद करते नजर आते हैं,, लेकिन शिक्षकों की गरिमा और शिक्षकीय मर्यादा से जुड़े ऐसे मामलों में संगठनों की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है,, शिक्षक राजनीति करने वाले नेताओं की सक्रियता आखिर ऐसे विषयों पर क्यों नजर नहीं आती,, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है,,
बहरहाल,, शिक्षा विभाग के सामने दोहरी चुनौती है,, एक ओर शिक्षकों के अधिकार और समस्याओं का समाधान करना,, तो दूसरी ओर शिक्षकीय मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना,, अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को विभाग किस गंभीरता से लेता है और क्या आने वाले समय में इस पर कोई ठोस पहल होती है या नहीं,,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button