मेडिकल कॉलेज शुरू करने प्रशासन ने कसी कमर, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जांजगीर-चांपा को जल्द मिलेगी मेडिकल कॉलेज की सौगात, तैयारियों में जुटा प्रशासन
कलेक्टर ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, कुटरा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण
समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश
जांजगीर-चांपा। जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना, निर्माण कार्य और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों की बैठक ली और सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का प्रारंभ होना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, वहीं जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए आवश्यक निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही जीएनएम भवन के उन्नयन के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने तथा जिला अस्पताल जांजगीर में एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ की पदस्थापना के लिए राज्य स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश भी दिए गए।समीक्षा बैठक के बाद कलेक्टर ने कुटरा स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री और कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और परियोजना को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज के अस्थायी संचालन के लिए प्रस्तावित लाइवलीहुड कॉलेज जांजगीर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, कक्षाओं, अधोसंरचना एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए सभी तैयारियां गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, एसडीएम सुब्रत प्रधान, अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय डॉ. राकेश नहरेन, अस्पताल अधीक्षक डॉ. ए.आर. बेन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिता श्रीवास्तव, सिविल सर्जन एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।












