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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में लाखों के खेल की आशंका! फर्जी बिल, कागजी कार्यक्रम और सुशासन तिहार की आड़ में राशि बंदरबांट के आरोप।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में लाखों के खेल की आशंका! फर्जी बिल, कागजी कार्यक्रम और सुशासन तिहार की आड़ में राशि बंदरबांट के आरोप

महिला बाल विकास विभाग घेरे में

जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर फर्जी बिल, कागजी कार्यक्रम और शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों ने विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आरोप है कि सुशासन तिहार के दौरान पंचायत की राशि से निर्मित पंडाल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लाभ उठाकर विभाग ने अपने कार्यक्रम दर्शाए और लाखों रुपये के बिल तैयार कर दिए, जबकि कई गतिविधियां केवल दस्तावेजों तक सीमित रहीं।चर्चा है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित बताए गए कई कार्यक्रमों का धरातल पर कोई ठोस अस्तित्व नहीं था, लेकिन कागजों में बड़े पैमाने पर आयोजन दर्शाकर खर्च दिखाया गया। आरोप लगाने वालों का कहना है कि अन्य कार्यक्रमों और आयोजनों की तस्वीरों का उपयोग कर योजना के तहत गतिविधियां संचालित होना बताया गया और इसी आधार पर राशि का भुगतान भी किया गया। इससे योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। विभाग के कुछ कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों से जुड़े लोगों द्वारा दबाव, प्रताड़ना और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारी अब खुलकर सामने आने लगे हैं और पूरे मामले की शिकायत उच्च स्तर पर करने की तैयारी में हैं।सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जांच की मांग उठानी शुरू कर दी है। भाजपा की बेटी बचाओ अभियान से जुड़ी पदाधिकारी भी कथित अनियमितताओं को लेकर नाराज बताई जा रही हैं और जल्द ही शासन स्तर पर शिकायत करने की तैयारी कर रही हैं। जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास मंत्री, मुख्यमंत्री तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तो फर्जी बिल, कागजी कार्यक्रम, सरकारी संसाधनों के उपयोग और योजना की राशि के खर्च से जुड़ी कई परतें खुल सकती हैं। फिलहाल पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है और लोग जांच के जरिए सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

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