बिजली गुल… फिर भी दौड़ता रहा स्मार्ट मीटर! रातभर बिना सप्लाई बढ़ती रही यूनिट, शिकायतें हुईं बंद लेकिन सिस्टम बताता रहा समाधान

जांजगीर : छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच जांजगीर शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और स्मार्ट मीटर की विश्वसनीयता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के वार्ड क्रमांक-8, शिव मंदिर नहर किनारे निवासी वरिष्ठ पत्रकार राजेश सिंह क्षत्री ने आरोप लगाया है कि उनके घर सहित पूरे क्षेत्र में कई घंटों तक एक फेस की बिजली बंद रही, लेकिन इस दौरान भी मोर बिजली एप में स्मार्ट मीटर की रीडिंग लगातार बढ़ती रही।
राजेश सिंह क्षत्री ने बताया कि उनके निवास पर उनकी माता श्रीमती कुसुम सिंह के नाम से उपभोक्ता क्रमांक 1003984231 का स्मार्ट मीटर लगा हुआ है। उनके अनुसार 28 जुलाई 2026 की शाम लगभग 5:30 बजे उनके घर सहित नहर पार वार्ड क्रमांक-8 के कई घरों में एक फेस की बिजली बंद हो गई। बिजली गुल होने के तुरंत बाद उन्होंने शाम 6:53 बजे मोर बिजली एप और फ्यूज कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज कराई, जिसका शिकायत क्रमांक 6849117 जारी किया गया।
आरोप है कि बिजली तो बहाल नहीं हुई, लेकिन रात 10:25 बजे मोबाइल पर संदेश आ गया कि शिकायत का सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया है। जबकि उस समय भी पूरे क्षेत्र में बिजली बंद थी। इसके बाद उन्होंने रात 10:54 बजे दोबारा शिकायत दर्ज कराई, जिसका शिकायत क्रमांक 6855436 मिला। इस शिकायत में भी एप पर कुछ समय बाद समाधान दिखा दिया गया, लेकिन बिजली चालू नहीं हुई। मजबूर होकर 29 जुलाई की सुबह तीसरी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसका शिकायत क्रमांक 6858536 है।
सबसे चौंकाने वाला दावा स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर किया गया है। राजेश सिंह क्षत्री के अनुसार जब उन्होंने मोर बिजली एप में 28 जुलाई की बिजली खपत का विवरण देखा तो पाया कि पावर स्टेटस “ऑफ” दिखाने के बावजूद रात 12 बजे तक बिजली खपत लगातार बढ़ती रही। उनका कहना है कि शाम साढ़े पांच बजे से घर में बिजली नहीं थी, फिर भी एप में यूनिट बढ़ती रही। यहां तक कि रात करीब 9:30 बजे भी 0.28 यूनिट बिजली खपत दर्ज दिखाई गई, जबकि उस समय घर में बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद थी। इस वजह से उन्होंने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग की शिकायत व्यवस्था भी पूरी तरह फेल नजर आई। फ्यूज कॉल सेंटर के नंबर 6262045898 और 9171887973 पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कभी फोन बंद मिला तो कभी कॉल रिसीव नहीं हुई। एक विभागीय अधिकारी से संपर्क होने पर उन्होंने दूसरे प्रभारी का नंबर दिया, लेकिन संबंधित प्रभारी ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और बाद में ट्रांसफार्मर में खराबी बताते हुए सुबह तक बिजली आने की बात कही।इतना ही नहीं, राजेश सिंह क्षत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर भी चार बार शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। उनका कहना है कि हर बार कॉल कनेक्ट होने के बाद यह कहकर बिजली विभाग से जोड़ा गया कि समस्या संबंधित विभाग की है, लेकिन कुछ ही देर बाद कॉल स्वतः डिस्कनेक्ट हो गई और कोई समाधान नहीं मिला।इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि बिजली सप्लाई वास्तव में बंद थी तो स्मार्ट मीटर में यूनिट कैसे बढ़ती रही? यदि शिकायत का समाधान नहीं हुआ था तो एप में उसे बंद क्यों दिखाया गया? और यदि ट्रांसफार्मर में खराबी थी तो बिना सुधार किए शिकायत का निराकरण किस आधार पर कर दिया गया? बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यदि उपभोक्ता के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ एक उपभोक्ता की परेशानी नहीं, बल्कि स्मार्ट मीटर प्रणाली और शिकायत निवारण व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। बिजली विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।













