जिला अस्पताल आगजनी मामला विधानसभा में गूंजा, विधायक के आरोपों के बाद एसपी ने दिए दोबारा जांच कराने की बात कही,सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल प्रबंधक अंकित पर उठे सवाल।

जांजगीर-चांपा जिला चिकित्सालय के रिकॉर्ड रूम में हुई संदिग्ध आगजनी का मामला अब विधानसभा तक पहुंच गया है। स्थानीय विधायक ब्यास कश्यप ने सदन में इस पूरे मामले को उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। आगजनी की रात के सीसीटीवी फुटेज में ऐसे कर्मचारी भी दिखाई दे रहे हैं, जिनकी उस दिन ड्यूटी नहीं थी। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आगजनी की देर रात अस्पताल परिसर में उनकी मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध कर्मचारी की अलग-अलग तस्वीरों में अंतर दिखाई देता है। पहले दृश्य में उसकी पीठ साफ नजर आती है,
जबकि बाद के दृश्य में पीठ पर गंदगी या कालिख जैसी चीज दिखाई देती है,
जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।विधायक ने सदन में यह भी आरोप लगाया कि जीवनदीप समिति में कथित अनियमित नियुक्तियों और अपने चहेतों व रिश्तेदारों को नौकरी दिए जाने की शिकायतों के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से रिकॉर्ड रूम में षड्यंत्रपूर्वक आग लगाई गई हो सकती है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार को जांच पूरी होने तक अन्यत्र अटैच करने की मांग करते हुए कहा कि इससे जांच प्रभावित नहीं होगी और सच्चाई सामने आ सकेगी।आगजनी मामले के बीच अब अस्पताल प्रबंधन भी सवालों के घेरे में है। यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि वर्षों से एक ही अस्पताल में पदस्थ अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार का अब तक तबादला क्यों नहीं हुआ। उनके खिलाफ मनमानी और कथित अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। वहीं दूसरी ओर तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के तबादले को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि बेहतर कार्य करने के बावजूद उन्हें हटाया गया,जबकि अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार से जुड़ी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इधर, जब अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार से इन आरोपों पर मीडिया ने सवाल किए तो उन्होंने कैमरे के सामने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वहीं, विधानसभा में मामला गूंजने और लगातार उठ रहे सवालों के बाद पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय ने पूरे प्रकरण की पुनः जांच की बात कही है हैं। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड रूम में लगी आग, कर्मचारियों की मौजूदगी और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की दोबारा जांच करेगी।अब पूरे जिले की निगाहें इस पुनः जांच पर टिकी हैं। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि रिकॉर्ड रूम में लगी आग महज एक हादसा थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन और आगजनी से जुड़े सभी आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।












