रवि फसल संकट में किसान बेहाल, डीजल किल्लत और भीषण गर्मी के बीच खेतों में बर्बादी का डर थोड़ा तो राहत दिलवा दो साहब डीजल दिला दो साहब डीजल दिलवा दो साहब…..

रवि फसल संकट में किसान बेहाल, डीजल किल्लत और भीषण गर्मी के बीच खेतों में बर्बादी का डर थोड़ा तो राहत दिलवा दो साहब डीजल दिला दो साहब डीजल दिलवा दो साहब…..
जांजगीर-चांपा। जिले में इस समय किसान गंभीर संकट के दौर से गुजर रहे हैं। एक ओर रवि फसल पूरी तरह तैयार होकर कटाई का इंतजार कर रही है, वहीं दूसरी ओर डीजल की किल्लत और भीषण गर्मी ने किसानों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। जिले के कई पेट्रोल पंपों में डीजल के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जिसके कारण किसान समय पर हार्वेस्टर, ट्रैक्टर और थ्रेसर संचालित नहीं कर पा रहे।हालात ऐसे बन गए हैं कि खेतों में तैयार खड़ी फसल के खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने तीन महीने कड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की, लेकिन अब कटाई में देरी होने से पूरी मेहनत पर पानी फिरने की आशंका बढ़ गई है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण खेतों में फसल सूखने और दाने खराब होने का डर किसानों को सता रहा है।ग्रामीण इलाकों से लगातार ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां किसान घंटों तक पेट्रोल पंपों में डीजल के इंतजार में खड़े नजर आ रहे हैं। कई किसानों का आरोप है कि पर्याप्त डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण कृषि कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत फसल कटाई और डीजल उपलब्ध कराने की है, ताकि उनकी उपज सुरक्षित घर पहुंच सके।इधर प्रशासन खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटा हुआ है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने हाल ही में खाद-बीज वितरण व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक ली और अधिकारियों को किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए। बैठक में समितियों में पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, एनपीके और पोटाश खाद के भंडारण तथा पारदर्शी वितरण पर जोर दिया गया।हालांकि किसानों का कहना है कि जब वर्तमान रवि फसल ही संकट में है, तब खरीफ सीजन की तैयारियां उनके लिए राहत नहीं बन पा रही हैं। किसानों के बीच यह चर्चा तेज है कि पहले मौजूदा संकट से राहत दिलाना जरूरी है, वरना खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिले में मौजूदा हालात को लेकर किसानों के बीच प्रशासन के प्रति नाराजगी और आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है।
जमाखोरी करने नई तरकीब एक ही वाहन पर 1दिन में दर्जनों भर पेट्रोल पंप से डीजल भरवा कर लेकर ड्रम खाली करने की बात जोरो पर है जबकि पेट्रोल पंपों रिकॉर्ड संधारण नहीं होने किसान वंचित हो रहे डीजल पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से फसल सही समय पर खेत से घर आ जाएगा कि नहीं किसान चिंतित है।











