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अधिकारी बने किसान, 266 रुपये की यूरिया 850 में बेचते ही खुल गई खाद कालाबाजारी की पोल, 1446 बोरी खाद जब्त, गोदाम सीलबंद।

अधिकारी बने किसान, 266 रुपये की यूरिया 850 में बेचते ही खुल गई खाद कालाबाजारी की पोल, 1446 बोरी खाद जब्त, गोदाम सीलबंद

जांजगीर-चांपा। जिले में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर उप संचालक कृषि राकेश शर्मा खुद किसान बनकर एक खाद दुकान पहुंचे। विक्रेता ने उन्हें सामान्य किसान समझकर 266.50 रुपये मूल्य की यूरिया की बोरी 850 रुपये में बेच दी। जैसे ही शिकायत की पुष्टि हुई, कृषि विभाग की टीम सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर 1446 बोरी खाद जब्त कर गोदाम को सीलबंद कर दिया।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में उप संचालक कृषि ने स्वयं किसान बनकर मेसर्स नानकचंद नंदकिशोर कृषि केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम में भंडारित 1141 बोरी यूरिया (एचयूआरएल एवं एनएफएल), 252 बोरी एसएसपी, 33 बोरी डीएपी तथा 20 बोरी एमओपी सहित कुल 1446 बोरी उर्वरक को जब्त कर लिया।

जांच में उर्वरकों के भंडारण और वितरण में अनियमितता भी सामने आई। उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान के गोदाम को सीलबंद कर दिया गया। खरीफ सीजन से पहले हुई इस कार्रवाई को जिले में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में माना जा रहा है।

उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। खाद की कालाबाजारी, कृत्रिम कमी पैदा करने या अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सोसायटियों और वैध लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद-बीज खरीदें तथा हर खरीद पर पक्का बिल अवश्य लें। कहीं भी अधिक मूल्य पर खाद बिक्री या कालाबाजारी की सूचना मिलने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें।

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