यूथ कांग्रेस चुनाव से बलबीर भाटिया और अंकित सिसोदिया के नाम हटे, अब आगे क्या?
बाहरी पेड वर्करों से वोट कराने के आरोपों के बीच दोनों प्रत्याशियों पर बड़ा सवाल, क्या कार्रवाई होगी या दोबारा वोटिंग का मिलेगा मौका?

यूथ कांग्रेस चुनाव से बलबीर भाटिया और अंकित सिसोदिया के नाम हटे, अब आगे क्या?
बाहरी पेड वर्करों से वोट कराने के आरोपों के बीच दोनों प्रत्याशियों पर बड़ा सवाल, क्या कार्रवाई होगी या दोबारा वोटिंग का मिलेगा मौका?
जांजगीर-चांपा यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष चुनाव में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। फिलहाल चुनावी पोर्टल से सिर्फ दो प्रत्याशियों बलबीर भाटिया और अंकित सिसोदिया के नाम हटा दिए गए हैं। दोनों प्रत्याशियों पर बाहरी लोगों और कथित पेड वर्करों के जरिए वोट कराने के आरोप लगते रहे हैं। चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप इतना बढ़ा कि अब पार्टी फोरम ने दोनों के नाम चुनावी प्रक्रिया से फिलहाल बाहर कर दिए हैं। इससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या दोनों प्रत्याशियों ने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है?
अब असली नजर पार्टी फोरम के अगले फैसले पर है। क्या आरोपों की जांच के बाद दोनों प्रत्याशियों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई होगी? क्या दोनों की उम्मीदवारी पूरी तरह खत्म की जाएगी? या फिर उन्हें राहत देते हुए दोबारा वोटिंग की अनुमति दी जाएगी? क्योंकि उपलब्ध रिपोर्टों में भी बाहरी युवाओं को बुलाकर वोट मैनेजमेंट, पैसे के इस्तेमाल और OTP के जरिए वोट कराने जैसे आरोपों का जिक्र सामने आया है।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी फोरम इस पूरे विवाद में सिर्फ चुनावी प्रक्रिया को होल्ड करके मामला शांत करेगा या फिर आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दोनों प्रत्याशियों पर कड़ा फैसला लेगा। अगर दोबारा वोटिंग की अनुमति मिलती है तो किन शर्तों पर मिलेगी और क्या पहले लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? फिलहाल यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों की नजर पार्टी फोरम के अगले फैसले पर टिकी हुई है।एंगल की सबसे मजबूत लाइन: *“नाम पोर्टल से हटे, लेकिन सियासी सवाल बाकी—सजा मिलेगी या फिर दोबारा वोटिंग का रास्ता खुलेगा?”












