तहसील नवागढ़ को पृथक अनुभाग (राजस्व) बनाने, अधिवक्ता संघ नवागढ़ के मांग को समर्थन देने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के सचिव इंजीनियर रवि पाण्डेय।

ब्यूरो रिर्पोट जाज्वल्य न्यूज जांजगीर चांपा:: तहसील नवागढ़ को पृथक अनुभाग (राजस्व) बनाने, अधिवक्ता संघ नवागढ़ के मांग को समर्थन देने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के सचिव इंजीनियर रवि पाण्डेय ने कहा कि नवागढ़ को राजस्व अनुभाग मुख्यालय बनाये जाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को पत्र लिखकर तहसील अधिवक्ता संघ की मांग से अवगत कराया उन्होने अपने पत्र मे लिखा है कि तहसील कार्यालय नवागढ़ की स्थापना दिनांक 01.12.1997 को तत्कालीन मध्यप्रदेश कांग्रेस शासन द्वारा किया गया, वर्तमान मे नवागढ़ को नगर पंचायत का दर्जा दिया जा चुका है तथा जनपद पंचायत कार्यालय, व्यवहार न्यायालय की स्थापना भी हो चुकी है। तहसील नवागढ़ का विभाजन करते हुए पृथक से तहसील शिवरीनारायण की स्थापना भी हो चुकी है। तहसील नवागढ़ को पृथक से राजस्व अनुभाग का दर्जा देकर बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की जा सकती है। वर्ष 2007-08 से नवागढ़ मे न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी का लिंक को संचालित किया जा रहा था किन्तु वर्तमान मे लिंग कोर्ट की संचालन बंद कर दी गई है। नगर वासी एवं अंचलवासी वर्षो से तहसील मुख्यालय नवागढ़ को पृथक से राजस्व अनुभाग बनाए जाने की मांग करते आ रहे है चूंकि उपरोक्त मांग जनहित एवं जनआकांक्षाओ के अनुरूप है। इस अवसर पर तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष डॉ. तुलसीराम धृतलहरे, बी.पी कुर्रे सलाहकार, समेलाल सुल्तानिया कोषाध्यक्ष, शत्रुहन लाल बंजारे, सचिव राजेश रोशन सुल्तानिया, उपाध्यक्ष रविन्द्र कुमार अजय, श्रीमती सुमित्रा बर्मन, सह सचिव जयप्रकाश सूर्या, प्रवक्ता दिलीप कुमार चतुर्वेदी, पीमाम्बर केशरवानी, संतोष कुमार सूर्या, शिवकुमार बंजारे, परमेश्वर कुमार बर्मन, कुमार प्रसाद निराला, अरूण कुमार खरे, सचिन कुर्रे, सनत कुमार सिंह, राहित बंजारे, पुष्पा महंत, रामकुमार बर्मन, रथराम टंडन, ललितराम पटेल, गजेन्द्र बंजारे, रोहिणी केशरवानी, लखनलाल साहू, राजेश कुमार कश्यप, ओमप्रकाश बंजारे, राजेश्वर साहू, मनहरण लाल साहू, तेरसराम साहू, बलराम धुकर, देवराम धृतलहरे, विनोद कुमार कश्यप, मानसिंह भारद्वाज, सोमनाथ जलतारे, वरिष्ठ कांग्रेसी अजीज खान, हरिराम साहू, नगर कांग्रेस अध्यक्ष एवं एल्डरमेन संतोष साहू, पवन कश्यप, किशन कश्यप, जगत पटेल, रामानुज कश्यप आदि मौजूद थे।












