यूथ कांग्रेस चुनाव में बीजेपी उपाध्यक्ष का ‘खुला खेल’! वायरल वीडियो में वोट कराते दिखे अमरजीत सिंह, बीजेपी में मचा हड़कंप….

यूथ कांग्रेस चुनाव में बीजेपी उपाध्यक्ष का ‘खुला खेल’! वायरल वीडियो में वोट कराते दिखे अमरजीत सिंह, बीजेपी में मचा हड़कंप….
जांजगीर-चांपा में यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है,, बीजेपी से जुड़े जनप्रतिनिधियों की कथित सक्रियता का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी संगठन में भी हलचल तेज हो गई है,चांपा नगर पालिका उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह खटकर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,, वायरल वीडियो में वे कथित तौर पर यूथ कांग्रेस के चुनाव में वोट कराने में भूमिका निभाते हुए नजर आ रहे हैं,,
बताया जा रहा है कि यूथ कांग्रेस के एक प्रत्याशी अमरजीत सिंह खटकर के रिश्तेदार हैं,, जिसके बाद बीजेपी जनप्रतिनिधि की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं,
यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज शुक्ला ने भी माना कि कई प्रत्याशियों के नजदीकी रिश्तेदार बीजेपी से जुड़े हुए हैं और वे शिद्दत से अपने रिश्तेदारों का साथ निभा रहे हैं,, हालांकि उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं,, पंकज शुक्ला का कहना है कि फर्जी वोटर आईडी के जरिए चुनाव कराने की शिकायतें सामने आ रही हैं,, साथ ही प्रदेश से बाहर के लोगों को कथित तौर पर पेड वर्कर बनाकर घर-घर भेजने और मतदाताओं से ओटीपी लेने की बात भी कही गई है,, उन्होंने आशंका जताई कि ओटीपी के नाम पर बड़ा फ्रॉड हो सकता है और मामले की जांच जरूरी है,
वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की यूथ कांग्रेस चुनाव में कथित सहभागिता पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता अगर कांग्रेस के चुनाव में सहभागिता निभा रहे हैं तो यह अच्छी बात है,, उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बीजेपी के कार्यकर्ताओं का कांग्रेस में विलय भी हो सकता है,इधर वायरल वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने भी मामले को गंभीरता से लिया है,,
बीजेपी जिला अध्यक्ष अंबेश जांगड़े ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और मंडल अध्यक्ष को जांच के निर्देश दिए गए हैं,, उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में तथ्य सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी,,
अब बड़ा सवाल यही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही भूमिका और यूथ कांग्रेस चुनाव में बीजेपी जनप्रतिनिधियों की कथित सक्रियता की जांच में क्या सच सामने आता है,, और क्या बीजेपी अपने ही जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी?,,












