फिर एक लापरवाही ने बुझाए तीन घरों के चिराग, हसदेव के तेज बहाव में बह गए तीन छात्र।
तैरना नहीं आता था, फिर भी नदी में उतरने का जोखिम उठाया; पिकनिक का उत्साह कुछ ही पलों में मातम में बदला।

जांजगीर-चांपा। देवरी-चिचोली पिकनिक स्पॉट पर एक बार फिर लापरवाही ने तीन परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। बिलासपुर के चौकसे कॉलेज से पिकनिक मनाने पहुंचे तीन छात्र हसदेव नदी में नहाने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि तीनों को तैरना नहीं आता था, इसके बावजूद वे नदी में नहाने के लिए उतर गए। हसदेव नदी इस समय पूरे उफान और तेज बहाव में है, ऐसे में नदी की धार में उतरना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा इस दर्दनाक हादसे से लगाया जा सकता है।नहाने के दौरान छात्र अचानक तेज धार और भंवर की चपेट में आ गए और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही SDRF और नगर सेना की टीम ने मोर्चा संभाला और नदी तथा आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तेज बहाव के बीच रेस्क्यू टीम लगातार तीनों छात्रों की तलाश में जुटी हुई है।मां-बाप अपने बच्चों को पढ़ने-लिखने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए घर से बाहर भेजते हैं। परिवारों को उम्मीद होती है कि उनके बच्चे पढ़ाई पूरी कर अपने पैरों पर खड़े होंगे, लेकिन बिना पर्याप्त जानकारी और सुरक्षा का ध्यान रखे पिकनिक के दौरान उठाया गया एक गलत कदम जिंदगी पर भारी पड़ गया। कुछ घंटों की मस्ती अब तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का गम बन गई है।यह हादसा सिर्फ तीन छात्रों के नदी में बहने की घटना नहीं, बल्कि पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा और लोगों की जागरूकता को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। जब नदी का बहाव तेज हो और पानी खतरनाक स्थिति में हो, तब आखिर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में उतरने का फैसला क्यों करते हैं? वहीं प्रशासन और पिकनिक स्पॉट की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर लोगों को खतरनाक क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं है।फिलहाल तीनों छात्रों की तलाश जारी है। रेस्क्यू टीम नदी के तेज बहाव के बीच हर संभव प्रयास कर रही है।











