दोपहर बाद भारी वाहनों के फर्राटे भरने से एनएच पर चलना हुआ मुश्किल जांजगीर और चांपा के बीच लंबी लाइन में चल रही बड़ी गाड़ियां, आम लोगों का चलना हुआ दूभर।

जांजगीर-चांपा::जाज्वल्य न्यूज़::दोपहर दो बजे के बाद जांजगीर और चांपा के बीच चलना लोगों के लिए काफी मुश्किल हो गया है। भारी वाहन जिस तरह कतार में लंबी लाइन लगाकर चल रहे हैं, उससे दो पहिया व चार पहिया में चलने वालों के लिए काफी जोखिम भरा साबित हो रहा है। इस दौरान कई जगह जाम की स्थिति भी निर्मित हो रही है। जाम बहाल होने में लंबा समय लग जा रहा है, जिससे लोगों का समय यूं ही बर्बाद हो रहा है।
कुछ साल पहले तक जांजगीर और चांपा के बीच सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध था, जिससे कम से कम आम लोग तो आराम से आवाजाही कर ले रहे थे, लेकिन जब से बिर्रा फाटक को बंद किया गया, तब से चौबीस घंटें भारी वाहन नेशनल हाईवे पर फर्राटे भर रहे हैं। अभी दोपहर 2 बजे के बाद भारी वाहनों की भीड़ सड़क पर उमड़ती है, उससे आम लोगों का आवागमन काफी मुश्किल हो जा रहा है। जिला प्रशासन की उदासीनता से जिस तरह चौबीसों घंटें भीमकाय वाहन सड़कों पर चल रहे हैं, उससे दुर्घटना की भी संभावना काफी बढ़ गई है। उपर से कई जगह जाम लग रहा है, जिसमें फंसकर लोगों का समय बेवजह बर्बाद हो रहा है। इसके बावजूद इस गंभीर समस्या का समाधान निकालने जिला प्रशासन रुचि ही नहीं ले रहा है।

बीरबल की खिचड़ी बने दोनों ब्रिज
बीरबल की खिचड़ी वाली कहावत जांजगीर और चांपा में बन रहे ओवरब्रिज में खूबर चरितार्थ हो रही है। क्योंकि इतने साल बाद भी दोनों ब्रिज प्रारंभ नहीं हो सके है। धन्य है, यहां के जिम्मेदार नेता और अफसर, जिन्हें जनता की समस्या से कोई खास सरोकार नहीं है। यही वजह है कि आठ साल बाद भी दोनों ब्रिज अधूरे है। हालांकि नए कलेक्टर जितेन्द्र शुक्ला की पहल से काम में गति आई है और नए साल से चांपा ब्रिज के प्रारंभ होने की संभावना भी जताई जा रही है, लेकिन फिर से दोनों ब्रिज अधर में है। यदि तीव्र गति से काम किया गया तो आगामी चार माह से पहले ब्रिज के प्रारंभ होने के आसार नहीं है।
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खोखसा फाटक में हो रहा समय बर्बाद
जांजगीर के खोखसा फाटक पर ही ओवरब्रिज का निर्माण सालों से लंबित है। जांजगीर नैला स्टेशन के करीब फाटक होने के कारण ये इतना व्यस्त रहता है कि हर दो मिनट बाद फाटक लंबे समय के लिए बंद हो जाता है। इस दौरान फाटक के दोनों ओर वाहनों की जिस तरह लंबी कतार लगती है, उससे सभी त्रस्त हो गए है। खासकर पेट्रोल में जिस तरह महंगाई की आग लगी है, उससे तो लोगों का खून खौल जा रहा है। जाम के दौरान बेवजह पेट्रोल जलकर बर्बाद हो रहा है। ये समस्या जैसे स्थायी ही हो गई है। जांजगीर और चांपा के बीच आवागमन करने वालों को रोज इस समस्या से जुझना पड़ रहा है।

सुबह 6 से रात 9 तक प्रतिबंध की मांग
जांजगीर और चांपा के बीच दिन भर भारी वाहनों के चलने से लोग बुरी तरह त्रस्त हो गए है और वो अब इस समस्या से शीघ्र राहत पाना चाहते हैं। इसलिए लोगों की मांग है कि पहले की तरह सुबह छह बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही में पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाए, ताकि इस बीच आम लोगों को आवागमन करने में किसी तरह की दिक्कतें न हो। हालांकि इस दौरान जांजगीर और चांपा के कुछ अति आवश्यक वाहनों को पहले की तरह प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। यदि भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लग जाता है तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो जाएगा।












