मोदी की गारंटी पर सवाल: जांजगीर-चांपा में सहायक शिक्षकों का सांकेतिक धरना, राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप।

मोदी की गारंटी पर सवाल: जांजगीर-चांपा में सहायक शिक्षकों का सांकेतिक धरना, राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप।
जांजगीर-चांपा जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय स्थित कचहरी चौक परिसर में आज छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले सहायक शिक्षकों ने राज्य सरकार के खिलाफ सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र और “मोदी की गारंटी” के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने समेत अन्य मांगों को पूरा करने के वादे को अब तक लागू नहीं किए जाने का आरोप लगाया।
धरना स्थल पर शिक्षकों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने ही वादों से मुकरती नजर आ रही है। शिक्षकों के अनुसार वेतन विसंगति, पदोन्नति, सेवा शर्तों में सुधार और समग्र शिक्षकों से जुड़े अन्य मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिससे शिक्षकों में भारी असंतोष है।

सांकेतिक धरने के पश्चात फेडरेशन के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने रैली के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया और अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चार सूत्रीय मांगों को स्पष्ट रूप से रखते हुए शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
फेडरेशन के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। आगे चलकर उग्र आंदोलन, कार्य बहिष्कार और राज्य स्तरीय प्रदर्शन की रणनीति अपनाई जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक उपस्थित रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने दो टूक कहा कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते










