कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून की दी जानकारी।

जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर के मार्गदर्शन में कोणार्क शिक्षा महाविद्यालय जांजगीर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।शिविर की अध्यक्षता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी पॉक्सो श्रीमती रविंद्र कौर ने की। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा भी उपस्थित रहे। श्रीमती कौर ने पॉक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल श्रम निषेध अधिनियम तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा ने कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने वाले कानून और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को आपातकालीन कानूनी सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को डिजिटल दौर में सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, ऑनलाइन ठगी एवं साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह भी दी।शिविर में निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत और कानूनी संरक्षण के संबंध में जागरूक करना रहा।इस अवसर पर महाविद्यालय की व्याख्याता नेहा राजपूत, प्रतीक्षा देवांगन, आरती मन्नेवार, भीष्मा साहू, सोनल यादव सहित विद्यार्थीगण एवं अधिकार मित्र जयराम गढ़ेवाल उपस्थित रहे













