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20 लाख की कैश लूट, अपहरण और जानलेवा साजिश का पर्दाफाश तो हुआ—अब अरविंद इंडस्ट्रीज के नगद कारोबार पर आयकर-GST की नजर ।

20 लाख की कैश लूट, अपहरण और जानलेवा साजिश का पर्दाफाश तो हुआ—अब अरविंद इंडस्ट्रीज के नगद कारोबार पर आयकर-GST की नजर

 

जांजगीर-चाम्पा : थाना चाम्पा क्षेत्र में 20 लाख रुपये से अधिक की नगद लूट, अपहरण और हत्या के प्रयास से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। महीनों की साजिश, सुनियोजित रेकी और तकनीकी जांच के बाद इस गंभीर वारदात का खुलासा हुआ है। मामले में मास्टरमाइंड योगेश रात्रे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दो माह पूर्व ही लूट की पूरी योजना बना ली थी। उन्हें जानकारी थी कि अरविंद इंडस्ट्रीज, चाम्पा का एक सुपरवाइजर नियमित रूप से सक्ती क्षेत्र से भारी मात्रा में नगद कैश कलेक्शन कर चाम्पा आता-जाता है। इसी जानकारी के आधार पर पीड़ित की गतिविधियों की रेकी की गई और सही समय देखकर वारदात को अंजाम दिया गया।

मिर्च पावडर, अपहरण और खाई में धक्का

9 जनवरी 2026 को ग्राम कोसमंदा मेन रोड तालाब के पास आरोपियों ने पीड़ित की आंखों में मिर्च पावडर डाल दिया। आंखों में जलन के कारण पीड़ित बाइक रोककर आंख साफ करने लगा, तभी आरोपी कार से उतरे और कैश से भरा बैग छीनने लगे। विरोध करने पर उसे जबरन कार में बैठाया गया, मोबाइल छीन लिया गया और डरा-धमकाकर मारपीट की गई। रात करीब 9 बजे मैनपाट सेल्फी प्वाइंट ले जाकर हत्या की नीयत से गहरी खाई में धक्का दे दिया गया। पीड़ित पूरी रात खाई में फंसा रहा और किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल पाया।

300 से अधिक CCTV कैमरों से खुली साजिश

घटना के बाद चाम्पा, बलौदा और कोरबा मार्ग के करीब 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया। संदिग्ध काली कार की पहचान होने के बाद आरोपियों तक पहुंच बनाई गई, जिससे पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।

नकदी, कार और हथियार बरामद

आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से 13 लाख 75 हजार रुपये नगद, वारदात में प्रयुक्त वेन्यु कार, चाकू, बेसबॉल स्टिक और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि लूटी गई रकम आपस में बांट ली गई थी।

गिरफ्तार आरोपी

योगेश रात्रे उर्फ छोटे (मास्टरमाइंड), जमुना सेवायक, महेश्वर दिवाकर उर्फ छोटे दाउ और अमीर मिरी उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

अब अरविंद इंडस्ट्रीज के कैश लेन-देन पर सवाल

इस मामले के खुलासे के बाद अरविंद इंडस्ट्रीज द्वारा लगातार भारी मात्रा में नगद कैश कलेक्शन और परिवहन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस खुलासे के बाद आयकर विभाग और जीएसटी विभाग की नजर इंडस्ट्री के नगद कारोबार पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में टैक्स चोरी और जीएसटी अनियमितताओं को लेकर जांच का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।फिलहाल फरार आरोपी की तलाश जारी है, वहीं यह मामला न सिर्फ एक संगठित अपराध का खुलासा करता है, बल्कि बड़े नगद लेन-देन की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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