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पीथमपुर सरपंच के ऊपर आरक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा का लगा आरोप

गलत शपथ पत्र देकर बनी महिला सरपंच, घर में आज तक नहीं बना शौचालय

हरीश कुमार राठौर

जांजगीर-चाम्पा। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत पीथमपुर में पंचायत निर्वाचन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत की महिला सरपंच पर आरोप है कि उन्होंने निर्वाचन के समय आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन आयोग के समक्ष गलत शपथ पत्र प्रस्तुत किया। शपथ पत्र में यह उल्लेख किया गया था कि उनके आवास में शौचालय का निर्माण पूर्व से ही पूर्ण है, जबकि वास्तविकता में आज दिनांक तक उनके घर में शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को दी गई शिकायत में कहा गया है कि चुनाव से पूर्व सरपंच ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर शपथ पत्र प्रस्तुत किया, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में अर्हता पूरी की जा सके। यह कृत्य न केवल पंचायत निर्वाचन नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन है, बल्कि शासन की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन योजना की भावना के भी विपरीत है। शिकायतकर्ता के अनुसार, नियुक्ति/निर्वाचन की तिथि से लेकर अब तक सरपंच के आवास में शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शपथ पत्र में दी गई जानकारी तथ्यहीन और भ्रामक थी। ग्रामीणों का कहना है कि गलत शपथ पत्र देकर आरक्षण का लाभ लेना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है और इससे जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित महिला सरपंच के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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