12सूत्रीय मांग को लेकर धरना पर बैठे वन कर्मियों और वन मंत्री बीच नहीं बनी बात, जब तक लिखित आदेेश नही तब तक हड़ताल खत्म नहीं।

जांजगीर-चांपा::जाज्वल्य न्यूज़::छत्तीसगढ़ के दस हजार वन कर्मचारी अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। हड़ताल खत्म करने को लेकर मंगलवार को वनमंत्री मो.
अकबर के शंकर नगर स्थित निवास पर छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी और लघु वनोपज संघ के एमडी संजय शुक्ला मौजूद थे। बैठक में वन मंत्री ने छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ की सभी मांगों पर जायज बताते हुए जल्द पूरा करने का आश्वासन देते हुए हड़ताल को खत्म करने की बात कही है। लेकिन वन संघ के पदाधिकारी अपनी शर्त पर अड़े हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लिखित में आदेश आने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ अपनी मांगों को लेकर 21 मार्च 2022 से हड़ताल पर है। कर्मचारियों के हड़ताल के कारण जंगल में अवैध कटाई का खतरा बढ़ गया है। गर्मी के दिनों में जंगलों में आग भभक रही है, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर होने की वजह से आग बुझ नहीं पा रही है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से वनों की सुरक्षा खतरे में है। इसके साथ ही वन कार्यालय में कामकाज ठप हो गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए वन मंत्री मो. अकबर ने वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी मूलचंद्र शर्मा, सतीश मिश्रा, विराजमुदलियार, पवन पिल्ले, मनीष कुशवाहा आदि के साथ बैठक हुई है। वन कर्मचारी संघ की 12 सूत्री मांग में करीब छह मांग पूरी हो चुकी है उसका आदेश भी जारी हो गया है। बाकि छह मांग पर सहमति बन गई है, लेकिन आदेश अभी तक नहीं निकला है।
छत्तीसगढ़ पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी ने कहा, वनमंत्री के साथ मंगलवार को वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई है। बैठक में उनकी सभी मांगों पर सहमति बनी है। छह मांग पर आदेश भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही सभी मांगों को पूरा किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मूलचन्द्र शर्मा ने कहा, वनमंत्री के साथ बैठक हुई है। बैठक में वनमंत्री ने 12 सूत्री मांगों को जायज बताते हुए जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है। लेकिन जब तक लिखित में आदेश नहीं आएगा तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।












