मुख्य कार्यपालन अभियंता सारंग, एसडीओ श्रीमती ममता राही और सब इंजीनियर पर लगे गंभीर आरोप, सक्ति जिले में स्ट्रीट लाइट कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की तैयारी।

मुख्य कार्यपालन अभियंता सारंग, एसडीओ श्रीमती ममता राही और सब इंजीनियर पर लगे गंभीर आरोप, सक्ति जिले में स्ट्रीट लाइट कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की तैयारी
सक्ति जिले के विभिन्न गांवों में चल रहे स्ट्रीट लाइट, विद्युत पोल और केबल कार्यों को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विद्युत विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता सारंग, एसडीओ श्रीमती ममता राही एवं संबंधित सब इंजीनियर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अधिकारियों की मिलीभगत से अमानक स्तर का कार्य कर सरकारी राशि का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्ट्रीट लाइट कार्य में उपयोग की जा रही विद्युत केबल, पोल और अन्य सामग्री विभागीय स्टीमेट के अनुरूप नहीं है। नियम अनुसार निर्धारित कंपनी अथवा उसके समतुल्य गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री लगाकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कुछ समय बाद तेज हवा, बारिश और तूफान में यह पूरी व्यवस्था क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्य कार्यपालन अभियंता सारंग, एसडीओ श्रीमती ममता राही और संबंधित सब इंजीनियर केवल औपचारिक निरीक्षण अथवा दौरे के दौरान ही मौके पर दिखाई देते हैं, जबकि वास्तविक कार्य के समय कोई निगरानी नहीं रहती। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा कार्य अधिकारियों के इशारों पर कराया जा रहा है और गुणवत्ता को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीओ और सब इंजीनियर द्वारा वास्तविक स्थल निरीक्षण करने के बजाय टेबल पर बैठकर ही मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बिलासपुर स्थित हेड ऑफिस में बैठकर ही दस्तावेजी सत्यापन कर दिया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य की वास्तविक गुणवत्ता की जांच नहीं होती। इसी वजह से अमानक और घटिया कार्यों को भी आसानी से स्वीकृति मिल जाती है।
वहीं मीडिया द्वारा पक्ष जानने और जानकारी लेने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाया गया, लेकिन अधिकारियों ने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारी मीडिया को सही जानकारी देने से भी बचते नजर आ रहे हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि सब कुछ नियम अनुसार हो रहा है तो फिर विभागीय अधिकारी खुलकर सामने आकर जवाब देने से क्यों बच रहे हैं।ग्रामीणों ने बताया कि इस कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत है और ग्राम पंचायत के माध्यम से ही संबंधित ठेकेदारों को भुगतान किया जाना है। ऐसे में ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग की है कि जब तक कार्य का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार का भुगतान न किया जाए। लोगों का कहना है कि बिना स्थल निरीक्षण और गुणवत्ता जांच के भुगतान करना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देना होगा।
अब पूरे मामले को लेकर पंचायत मंत्री, कलेक्टर एवं उच्च स्तर पर शिकायत करने की तैयारी तेज हो गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने सरकारी धन के दुरुपयोग की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।











