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दीपक ने नेचुरल तरीके से बरगद के सूखे पत्तों से घर के छत में बनाया पंछियो के लिए छायादार घोसला अंदर शीतल दाने व पानी की व्यवस्था ।

जांजगीर-चांपा::जाज्वल्य न्यूज़::
30 फिट लंबा छायादार घोसला बरगद के सूखे पत्ते, जुट के बोरे, स्टील के तार , कील,लकड़ी के बत्ते से बना मजबूत घोसला है।

जमीनी स्तर पर कई वर्षों से पंक्षी-पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रदेशस्तर पर चल रहा जागरूकता अभियान।दीपक खुद गांव -गांव जाकर लोगों को करते हैं जागरूक।

प्रत्येक लोगों को जागरूक कर प्रेरित करने व जोड़ने निःशुल्क मिट्टी के बर्तन , लकड़ी के घोसले व संरक्षण की गाइडलाइन वाली पाम्पलेट का वितरण करते हैं।

तिलई के युवा दीपक तिवारी ने पक्षियों के लिए इस गर्मी में कुछ खास व्यवस्था की है। वे हमेशा से ही अपने कार्यो को नेचुरल टच देकर पक्षियों को आकर्षित करने में में माहिर हैं इसबार भी अपने काम को नेचुरल बनाया । उन्होंने बरगद के सूखे पत्ते, जुट के बोरे, स्टील के तार , कील,लकड़ी के बत्ते से पंछियों के दाना – पानी के लिए आकर्षण व्यवस्था की है और छत के ऊपर धूप से बचाने छायादार घोसला बनाया है। 30 फिट लंबे इस घोसले के अंदर एकसाथ मिट्टी के सैकड़ो मिट्टी के बर्तन छाया में रखने की है व्यवस्था।

खुद के हाथो से निर्मित पांच हजार 5000 से अधिक कलरफुल घोसलों का निःशुल्क वितरण किया….
दीपक ने पक्षियों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए,लकड़ी के कलरफुल घोसले अपने हाथों से बनाये और पेडों पर घर की छतों लगाए ,जिससे पंक्षी इसमें सुरक्षित रह सकें और हवा तूफान में किसी भी प्रकार की असुरक्षा इनके घोसला पर न बना रहे व धूप ठंड बारिश से भी इन्हें राहत मिले, इसी सोच के साथ दीपक ने 5000 हजार से अधिक घोसले लोगों में बाटे और 2000 दो हजार से अधिक घोसलों को पेड़ो पर बांधा था जिसमे चिड़िया अपना घोसला भी बनाती हैं। साथ ही दीपक ने पंक्षी- पर्यावरण संरक्षण पर अभियान चलाते हुए 1000 से अधिक मिटटी के सकोरों को पेड़ो पर गर्मी में पक्षियों को भूख प्यास से बचाने के लिए बांधे थे । और प्रत्येक गर्मी में लोगों को जागरूक करने हजारों की संख्या में निःशुल्क मिटटी के सकोरे ,दाने का पैकेट और लकड़ी का कलरफुल घोसला , जरूरतमंद बच्चों को सामग्री दीपक अनवरत बाटते आ रहे हैं ।

हर दिन मिट्टी बर्तनों की सफाई है जरूरी..
दीपक बताते हैं कि, पक्षियों के लिए लगाए मिट्टी के बर्तनों की सफाई व पानी बदलना रोज आवश्यक है ताकि खराब पानी से पक्षियों को खराब पानी से उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव न पड़े , और पंछी स्वक्ष दाना-पानी ले सकें।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने की दीपक के कार्यो की प्रशंसा..
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा – मैं दीपक तिवारी के निश्वार्थ लोकहित व जीवहित के प्रत्येक कार्यो से व्यक्तिगत रूप से बेहद प्रभावित हूँ..दीपक के कार्य मानवता को करते हैं परिभाषित। समाज को दीपक से प्रेरणा लेकर समाज के लिए कार्य करने की आवयश्कता है । रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री के निवास में दीपक के लिखे “अनमोल बेटियां” पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बात कही थी।

यह अभियान इसलिए भी है विशेष….
हमे अक्सर देखने व सुनने को मिलता है कि सामान्य तौर पर किसी अभियान का संचालन और जागरूकता पर निःशुल्क सामान का वितरण सहित सारा खर्च 10 – 20 एनजीओ के सदस्य मिलकर या बाहरी चंदा वसूली से पैसे व्यवस्था कर अभियान चलाते है । लेकिन दीपक तिवारी ने अभीतक इन 12 वर्षों में समाज सेवा के कार्य के नाम पर एक पैसा भी किसी से नही मांगा है। और खुद के खर्च पर निश्वार्थ लोकहित और जीवहित में 12 वर्षों से लगे हुए हैं। दीपक कहते है जितना मुझसे हो सके मैं हमेशा दूसरों के लिए सेवाभाव से समर्पित होकर कार्य करता रहूँगा । और मैं समाज के प्रत्येक लोगों से हाथ जोड़कर इस लोकहित व जीवहित के कार्य को करने का निवेदन करता हूँ।

स्वयं के खर्च पर निश्वार्थ सेवा के लिए दीपक को मिले दर्जनों सम्मान….
जीवहित , लोकहित, व पर्यावरण हित में निश्वार्थ कार्य कर दीपक तिवारी – “यूथ आईकन सम्मान” , “लोकहित लेखक-सम्मान” , अंग्रेजी विषय पर “उच्च शिक्षक सम्मान”, ” विशेष समाज सेवक सम्मान”, सहित समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में दर्जनों सम्मान से अबतक सम्मानित हो चूके हैं ।

दीपक का अभियान तिलई या जांजगीर जिले तक ही सीमित नही है बल्कि जिला ही नही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लोगों जागरूक करने निःशुल्क समानों का वितरण दीपक कर चुके हैं जो अभी तक अनवरत जारी है।
इसके अलावा दीपक ने बेटीयों के भी सुरक्षा व सम्मान पर बहुत सराहनीय कार्य किया है। बेटी शिक्षा ,सुरक्षा ,सुरक्षा, सम्मान पर भी आमजन को जागरूक कर रहे हैं। लॉक डाउन में जब सब अपना समय अलग अलग कार्य में लगा रहे थे तभी उन्होंने अपना सारा समय समाज को जागरूक करने में और बालिका सुरक्षा पर लगाया। बालिका संरक्षण पर पुस्तक भी लिखा था। और पुस्तक का विमोचन पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ डॉ रमन सिंह ने किया था।

समाजिक जागरूकता महिला शसक्तीकरण को बढ़ावा देने का कार्य भी वे लगातार कर रहे हैं….
पंक्षी-पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क सामग्री का वितरण व महिलाओं को साक्षर बनाकर उनकी सुरक्षा का कार्य करते आ रहे हैं । समाज में महिलाओं के साथ हो रहे अपराध के खिलाफ कदम उठाते हुए दीपक ने उनके हक और अधिकारों को शब्दों के जरिए अपने लिखे पुस्तक में उकेरा और बेटी शिक्षा ,सुरक्षा ,सम्मान और कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम पर पुस्तक लिखा है ।

युवा दीपक तिवारी का कहना है – जिन बच्चों में प्रारम्भ से सेवा की भावना का स्वस्थ विकास कर दिया जाता है वे आगे चलकर अपने सेवा-भाव से समाज में प्रतिष्ठा के पात्र बन जाते हैं। वास्तव में समाज के सुंदर निर्माण और भविष्य में उन्नति के लिए बच्चे में सेवा-भाव का विकास करना अत्यंत आवश्यक है। इस सेवा-भाव को विकसित करने के लिए परिवार सबसे सुन्दर संस्था है। अभिभावकों का दायित्व है कि वह स्वयं बच्चों के सामने अपने आचरण से ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करें जिसे देखकर बच्चों में सेवा भाव का संस्कार पैदा हो।

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