दीपक ने उप पुलिस अधीक्षक सविता दास को पक्षियों को भूख – प्यास से बचाने मिट्टी के पात्र दिए।
विगत कई वर्षों से चला रहे अभियान ,दीपक ने गर्मी शुरू होते ही निःशुल्क मिट्टी के सकोरे व दाने का वितरण किया शुरू।

ब्यूरो रिर्पोट जाज्वल्य न्यूज़ ,जांजगीर चांपा।
गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था करें ताकि खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पंछियों को राहत मिल सके। इसी सुरक्षा व जागरूकता के उद्देश्य से तिलई के युवा दीपक तिवारी ने उप पुलिस अधीक्षक सविता दास व उपस्थित स्टॉफ को मिट्टी के सकोरे दिए और पक्षी संरक्षण पर कार्य करने की अपील की। इस दौरान डीएसपी सविता दास ने दीपक के समाज हित में किए निश्वार्थ कार्यो की सराहना की और निरंतर जीवहित व लोकहित में लगन से कार्य करते रहने को कहा। दीपक का पक्षी – पर्यावरण संरक्षण अभियान विगत कई वर्षों से खुद के खर्चे पर निरंतर जारी है। वे प्रत्येक गर्मी सूखे जगहों पर पँछी के लिए दाना पानी रखते हैं साथ ही लोगों को भी जागरूक करने निशुल्क मिट्टी के सकोरे दाने का पैकेट ,लकड़ी का कलरफुल घोसला व पाम्पलेट वितरण करते हैं जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें। दीपक एक अकेले ऐसे समाज सेवी हैं जो विगत13 वर्सो से खुद के खर्चे पर समाज सेवा का प्रत्येक कार्य करते हैं। उन्होंने अभीतक किसी से केम्पेन के नाम पर एक पैसा नहीं लिया है । न ही उनका कोई एनजीओ है। अभियान का सारा खर्च वह स्वयं से करते हैं। जो निश्चित ही एक अतुलनीय कार्य है।
समाज सेवी दीपक तिवारी ने बताया कि अप्रैल में ही शहर व गांवों में तापमान अधिक है। बढ़ती धूप का असर इंसानों के साथ-साथ जानवरों और पक्षियों पर भी हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर पक्षियों पर होता है। उनमें पानी की मात्रा कम हो जाती है। इसके चलते पक्षी उड़ते-उड़ते अचानक नीचे गिर जाते हैं और मौत हो जाती है। पक्षियों के खाने-पीने की व्यवस्था करने के अलावा भी एक अच्छे व्यक्ति होने के नाते आप पक्षियों को बचाने के लिए कुछ उपाय अपने घर पर ही कर सकते हैं। छत, बगीचे में मिट्टी के बर्तन में पानी भर कर रखना चाहिए, पात्रों को रोज साफ करना चाहिए जिससे पानी स्वक्छ रहे और पक्षियों को इंफेक्शन न हो । इन बर्तनों को धूप से बचा कर छाया में रखें। गौरइया चिड़िया, कोयल, बुलबुल और कौंए आदि धूप का शिकार अधिक होते हैं। सामाजिक संस्था और पक्षी मित्रों को वन्यजीवों और पक्षियों की जान बचाने के लिए आगे आने की जरूरत है। दीपक द्वारा कई वर्षों से यह प्रयास जारी है कि गर्मी व दाना-पानी की वजह से पक्षियों का मौत न हो।












