अवैध उर्वरक भण्डारण पर कृषि विभाग द्वारा की गयी कठोर कारवाई
अब तक समस्त 102 सहकारी समितियों एवं 160 निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों का किया जा चुका है निरीक्षण


कैलाश कश्यप/हरीश राठौर
जांजगीर-चाम्पा। उर्वरक विक्रय केन्द्रो में जिले के नोडल अधिकारी, उर्वरक निरीक्षकों एवं मैदानी अमलों के द्वारा किसानो को उर्वरक वितरण पर सतत् निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जिले के कृषकों को सुगमता पूर्वक उच्च गुणवत्तायुक्त खाद समय पर उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षकों के द्वारा जिले के अब तक समस्त 102 सहकारी समितियों एवं 160 निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों को निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रय केन्द्रों में अनियमितता पाये जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत 52 उर्वरक विक्रय केन्द्रो को कारण बताओ नोटिश एवं 03 उर्वरक विक्रय केन्द्रो क्रमशः राजेश ट्रेडर्स में 500 बोरी एस.एस.पी., अग्रवाल एग्रो एजेन्सी में बायो पोटाश 45 बोरी, एन.पी.के. 5ः15ः0ः10 का 20 बोरी एवं 20ः20ः0 का 40 बोरी भौतिक रूप में उपलब्ध एवं पाॅस में इन्द्राज नहीं होने के कारण एवं अनंत ट्रेडर्स में एन.पी.के. 14ः28ः0 का 34 बोरी एवं जिंकेटेड एस.एस.पी. 100 बोरी का उर्वरक अनुज्ञप्ति में “ओ“ फाॅर्म इन्द्राज नहीं होने के कारण विक्रय प्रतिबंध की कार्यवाही किया गया है। जिले में किसानो को संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं उर्वरको के वितरण में अनियमितता रोकने हेतु निरीक्षक दलों द्वारा प्रतिदिवस सतत् रूप से जिले के सभी सहकारी एवं निजी उर्वरक केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है एवं अनियमितता पाये जाने पर नियमानुसार कठोर कारवाई की जा रही है।












