कृषि सखी और पशु सखी दीदियों ने मनाई वट सावित्री पर्व


जांजगीर-चाम्पा। ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर में शासन द्वारा आयोजित ए हेल्प प्रोग्राम तथा जिले के बिहान की क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियों ने आज शनिवार 15 मई को बट सावित्री पर्व संस्थान के निदेशक लक्ष्मीनारायण सिंकू के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य आरसेटी के कोसा रेशम उद्यमी, बकरी पालन व मुर्गी पालन के ट्रेनर व असेसर रामाधार देवांगन द्वारा विधि विधान पूर्वक तरीके से उल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर रामाधार देवांगन ने बताया कि वट सावित्री ब्रत हिन्दू धर्म का का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जिसे विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, सुख समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिये करती हैं। पर्व का पूजा करते हुये रामाधार देवांगन ने कथा में बट सावित्री का शाब्दिक अर्थ बताया कि वट अर्थात बरगद का बृक्ष और सावित्री का अर्थ पतिव्रता नारी, जिन्होंने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किये। उन्होंने बताया कि बरगद का बृक्ष दीर्घायु और अमरत्व का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए बरगद की पूजा किया जाता है।उन्होंने कथा में ब्रत का महत्व बताते हुये कहा कि पति की लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना, वैवाहिक जीवन में सुख शांति, परिवार में समृद्धि, अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति को लेकर किया जाता है।
आरसेटी में पहली बार मना बट सावित्री पर्व
संस्थान के फेकेल्टी अरुण पाण्डेय व उत्तम राठौर ने बताया कि यहाँ पर पहली बार प्रशिक्षण में शामिल जिले के अलग अलग महिलाओ ने मिलकर वट सावित्री का पर्व मनाई है । पर्व को विधि विधान पूर्वक मनाने प्रशिक्षण में शामिल बिहान की महिलाओ ने श्रमदान करके बरगद और पीपल के पेड़ में चबूतरा निर्माण मास्टर ट्रेनर दीनदयाल यादव व डॉ एस एस सिदार के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर में अरुण पाण्डेय, उत्तम राठौर,योगेश यादव, सौरभ गुप्ता, चंद्र प्रकाश गढ़ेवाल, दाताराम कश्यप, बंशीलाल यादव, मास्टर ट्रेनर दीनदयाल यादव, डॉ एस एस सिदार समेत माधुरी साहू सरवानी, सरस्वती मरावी कटघरी, सरस्वती पटेल पड़रिया, सुशीला श्रीवास पड़रिया पामगढ, पूनम यादव कपिस्दा, पूजा जलतारे करनोद, अंजू साहू खोखरी पामगढ, दुर्गा पटेल तागा, मनीषा तिवारी कोरबी, सरिता साहू मुलमुला, शैलकुमारी गतवा, सुनंदा सूर्यवंशी, पूनम यादव भागोडीह बाराद्वार, हेमलता श्रीवास हथनेवरा, प्रेमलता केवट, उत्तरा पटेल नगारीडीह,अंजू सूर्यवंशी चोरिया, सुरेखा यादव कमरीद, ज्योति बरेठ, उर्मिला बरेठ अमरुआ, कुसुमलता चोरिया, सरिता बनवा, मधु कर्ष अफरीद, चन्द्रकला चंद्रा, कलेशी वर्मा संजय ग्राम, आरती कंवर महमदपुर, पूर्णिमा साहू कोटमी सुनार, योगेश्वरी चंद्रा बंसुला, सुकांति पटेल भठली, प्रीति कर्ष पचोरी, गीता साहू झर्रा, रामकुमारी कुर्रे बालपुर, कविता यादव, सरिता सूर्यवंशी मोहगांव, रश्मि साहू परसापाली आदि बिहान की क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियाँ शामिल रहीं।










