विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।
मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवा प्रतिभागियों से किया संवाद, जनसेवा और ईमानदारी से दायित्व निभाने का दिया संदेश।

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है। युवाओं के पास ज्ञान, ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचारों की ताकत है। इनका उपयोग जनकल्याण और समाज की बेहतरी के लिए होना चाहिए।
मुख्यमंत्री साय शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवा प्रतिभागियों से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन, संघर्ष, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फेलोशिप युवाओं के लिए शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने और अपने ज्ञान व कौशल से प्रदेश के विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। जिलों में मैदानी अनुभव प्राप्त कर युवा स्थानीय समस्याओं, जनआवश्यकताओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
शिक्षा, कौशल और रोजगार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा विकास का मूल आधार है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, एम्स और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों की उपलब्धता युवाओं के लिए नए अवसर खोल रही है। उन्होंने शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल को भी जरूरी बताते हुए लाइवलीहुड कॉलेजों, आईटीआई के उन्नयन और रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करना है। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दे सकती हैं।
एआई और आधुनिक तकनीक में दक्ष होंगे युवा
मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक की बढ़ती उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों में दक्ष बनाना आवश्यक है। एआई मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये के प्रावधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और अधिकारियों-कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के लक्ष्य की जानकारी दी।
संघर्ष से जनसेवा तक का सफर किया साझा
अपने जीवन के अनुभव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कम उम्र में पिता के निधन के बाद उन्हें परिवार की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं। खेती-बाड़ी से लेकर सार्वजनिक जीवन तक की यात्रा ने उन्हें परिश्रम, जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों का सामना करना सिखाया। उन्होंने बताया कि सरपंच से विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री तक की यात्रा में जनसेवा उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य रहीआईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण, जिलों में मिलेगा मैदानी अनुभव मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच में चयनित 36 युवा इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र सहित विभिन्न विषयों की पृष्ठभूमि से हैं। दो वर्षीय कार्यक्रम में पांच माह का अध्ययन एवं प्रशिक्षण और 19 माह का मैदानी अनुभव शामिल है। प्रारंभिक तीन माह आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी जिला प्रशासन के साथ काम करते हुए सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं को समझेंगे।इस अवसर पर सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर, उप सचिव सूरज साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने कार्य के केंद्र में जनकल्याण को रखें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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