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करही गोलीकांड : एक महीने बाद खुलासा, लेकिन असली मास्टरमाइंड अब भी फरार

करही गोलीकांड : एक महीने बाद खुलासा, लेकिन असली मास्टरमाइंड अब भी फरार

जांजगीर-चांपा जिले के चर्चित करही गोलीकांड में पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक महीने तक चली जांच, 07 राज्यों में दबिश, 200 से अधिक CCTV फुटेज और साइबर इनपुट के बाद पुलिस इस हत्याकांड की कड़ियों तक पहुंची। लेकिन मामले का सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है — आखिर इस पूरी साजिश का असली मास्टरमाइंड कौन है?23-24 अप्रैल 2026 की रात ग्राम करही में नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उसके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग स्वयं मौके पर पहुंचे थे और रेंज स्तरीय टीम गठित कर जांच शुरू कराई गई थी।करीब एक महीने तक चली जांच के बाद पुलिस ने हेमंत बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उधारी विवाद, आर्थिक प्रतिस्पर्धा, बढ़ता प्रभाव और पुरानी रंजिश हत्या की मुख्य वजह बने। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, मैगजीन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है।जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2023 में मृतक आयुष कश्यप के पिता सम्मेलाल कश्यप की हत्या के लिए भी 7 लाख रुपये में सुपारी दिए जाने का आरोप सामने आया है। इससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि यह दुश्मनी काफी पुरानी और गहरी थी।इधर बिलासपुर रेंज के IG रामगोपाल गर्ग ने दावा किया है कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी स्थानीय व्यक्ति है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। IG के इस बयान के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि हत्या की साजिश गांव और आसपास के नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।मृतक के पिता सम्मेलाल कश्यप अब भी पुलिस से असली साजिशकर्ता की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि गिरफ्तार आरोपी सिर्फ मोहरे हैं, जबकि पर्दे के पीछे बैठकर पूरी साजिश रचने वाला अब भी बाहर है। परिवार का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होगा, तब तक उन्हें न्याय अधूरा ही लगेगा।फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी और अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन करही गोलीकांड अब केवल एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि संगठित रंजिश, आर्थिक वर्चस्व और सुपारी कनेक्शन की बड़ी आपराधिक कहानी बन चुका है।

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