News

शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की पाठशाला?  बंटी-बबली’ गिरोह सक्रिय, आत्मानंद विद्यालयों में फर्जी डिग्रियों से नौकरी का खेल,आत्मानंद स्कूलों में संदेहास्पद नियुक्तियां।

चुरू(राजस्थान), शिलांग ,मेघालय, सहित अन्य राज्यों की डिग्रियां बिना पढ़ाई किए हाईफाई प्रतिशत का हो जाता है तैयार . ओरिजल सर्टिफिकेट का दावा करता है सरगना । 

शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की पाठशाला? बंटी-बबली’ गिरोह सक्रिय, आत्मानंद विद्यालयों में फर्जी डिग्रियों से नौकरी का खेल,आत्मानंद स्कूलों में संदेहास्पद नियुक्तियां।

चुरू(राजस्थान), शिलांग ,मेघालय, सहित अन्य राज्यों की डिग्रियां बिना पढ़ाई किए हाईफाई प्रतिशत का हो जाता है तैयार . ओरिजल सर्टिफिकेट का दावा करता है सरगना ।

रायपुर ..छत्तीसगढ़ में संचालित आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि दूसरे राज्यों से खरीदी गई शैक्षणिक डिग्रियों के आधार पर अवैध तरीके से नियुक्तियां कराई जा रही हैं और इसके बदले लाखों रुपये की वसूली की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के शक्ति विधानसभा क्षेत्र का निवासी एक कथित शिक्षक, जो वर्तमान में कोरबा जिले में पदस्थ बताया जा रहा है, बीते करीब 10 वर्षों से यह गोरखधंधा चला रहा है। आरोप है कि वह अभ्यर्थियों से लगभग 8 से 10 लाख रुपये तक की मोटी रकम लेकर सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करता है।

ऐसे होता है खेल

जानकारी के मुताबिक यह कथित शिक्षक स्वयं शिक्षक है और उसकी पत्नी भी शिक्षिका बताई जा रही है। आरोप है कि वह अपने संपर्कों के जरिए मेघालय (शिलांग), पुदुचेरी सहित अन्य राज्यों में संचालित कुछ महाविद्यालयों से बीएड, एमएड, बीएससी, एमएससी, एमए जैसी डिग्रियां अत्यधिक प्रतिशत के साथ बनवाने की व्यवस्था करता है।

इसके बाद रिक्तियां निकलते ही संबंधित अभ्यर्थियों के फॉर्म भरवाए जाते हैं, जहां अधिक प्रतिशत होने के कारण चयन आसानी से हो जाता है।

12वीं पास को भी बना दिया जाता है स्नातक-स्नातकोत्तर

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि 12वीं पास अभ्यर्थियों को भी स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री दिलाई जा रही है। महज 2 महीने में 5 साल की पढ़ाई पूरी होने का दावा अपने-आप में कई सवाल खड़े करता है। देश का कौन-सा महाविद्यालय इस तरह की डिग्रियां जारी कर रहा है, यह पूरे मामले की गहन जांच का विषय है।

पहले शिक्षक भर्ती, अब आत्मानंद स्कूल

सूत्र बताते हैं कि पहले यह खेल शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) में चलता था, लेकिन अब आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में बड़े पैमाने पर फैल चुका है।

जांच की मांग तेज

मामले को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन से जांच की मांग उठने लगी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कई तथाकथित “बंटी-बबली” शिक्षकों का पर्दाफाश हो सकता है और शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल खड़ा होगा।

Back to top button