जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की कार्यप्रणाली श्रमिकों और कारखाने के हितों के लिए घातक – मंजू सिंह।

जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की कार्यप्रणाली श्रमिकों और कारखाने के हितों के लिए घातक – मंजू सिंह।
अकलतरा : पूर्व भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल की सदस्य तथा पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी, जांजगीर-चांपा की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती मंजू सिंह ने जेएसडब्ल्यू एनर्जी ग्रुप के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केएसके महानदी पावर कंपनी लिमिटेड, नरियरा को अपने अधीन लेने के बाद से जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की कार्यशैली श्रमिक-विरोधी और अन्यायपूर्ण हो गई है।
श्रीमती सिंह ने आरोप लगाया कि नए प्रबंधन द्वारा ठेका कंपनियों के माध्यम से वर्षों से स्थायी कार्यों में लगे पुराने कर्मचारियों को जबरन हटाया जा रहा है और उनकी जगह बाहरी व्यक्तियों की नियुक्ति की जा रही है। यह न केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय श्रमिकों के अधिकारों पर सीधा हमला भी है।उन्होंने कहा कि कंपनी के बिजनेस हेड सी.एन. सिंह द्वारा अपने पुराने परिचित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि पद का दुरुपयोग कर अपने करीबी एवं रिश्तेदारों को लाभ पहुँचाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सोमवंशी सोलर पावर के संचालक आलोक प्रताप सिंह, जो कथित रूप से सी.एन. सिंह के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, द्वारा कारखाने में अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है, जो गंभीर जांच का विषय है।
मंजू सिंह ने आगे कहा कि प्रबंधन द्वारा केवल एनटीपीसी, वेदांता, जेपीएल जैसे संस्थानों से आए कर्मचारियों को महत्व दिया जा रहा है तथा पुराने ठेकेदारों को अनुचित रूप से ठेके दिलवाए जा रहे हैं। इससे स्थानीय श्रमिकों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा— “यदि प्रबंधन अपनी मनमानी कार्यप्रणाली बंद कर पुराने कर्मचारियों को उनके पदों पर पुनः नियुक्त नहीं करता है, तो श्रमिकों को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं हमेशा संघर्ष करती रहूँगी।”
श्रीमतीमंजू सिंह भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल,पूर्व जिला अध्यक्ष – कांग्रेस कमेटी, जांजगीर-चांपा ने अंत में कहा कि कुछ स्थानीय नेताओं और ठेकेदारों के सहारे मनमानी करना प्रबंधन की बड़ी भूल होगी। समय रहते यदि नीति और कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो श्रमिक वर्ग एकजुट होकर इसका करारा जवाब देगा।












