भाजपा सरकार के दबाव से घिर गए जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू
मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाय थे विधायक

जांजगीर-चाम्पा। जैजैपुर विधायक प्रदेश की भाजपा सरकार के दबाव में बुरी तरह घिर गए। दरअसल, प्रदेश में भाजपा की सरकार है। वहीं पूरे लोकसभा के 8 सीटों में भाजपा का सूपड़ा साफ होना भी एक कांग्रेसियों के लिए एक कड़ी परीक्षा से कम नहीं है। दिलचस्प यह है कि कांग्रेसी विधायक ने जमीन की खरीदी बिक्री मामले में रकम वापसी के लिए पहल भी की थी और पीड़ित को पूरी रकम वापस करने की भी घोषणा की थी। इस मामले में वे हाईकोर्ट भी गए। इसके बाद भी उन्हें कोर्ट ने राहत नहीं से मिली। कुछ कांग्रेसियों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस नै विधायक का जेल जाना भाजपा की बोसोंची समझी साजिश है। क्योंकि जब विधायक ने धोखाधड़ी की रकम की वापस करने की बात कही थी, इसके बाद भी उन्हें जेल भेजना कहीं न कहीं भाजपा की हाईलेवल आदेश – का शिकार हो गए। कोर्ट परिसर में भी चर्चा का विषय यह रहा कि उनकी सुनवाई ही शुक्रवार को इसलिए की गई ताकि उन्हें शनिवार व रविवार – को अवकाश होने से कम से कम दो दिन तक बेल न मिले और वे कम से कम दो दिन तक तो जेल में रहें। लेकिन उनके समर्थकों में तब गहरा आघात लगा जब कोर्ट ने उसे 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड में भेज दिया। बताया जा रहा है कि जिले में बीजेपी का खाता न खुलने से तिलमिला रही बीजेपी ने झूठा मामला बनाकर कांग्रेस विधायक को फसाया है। इतनी निम्न स्तर की राजनीति प्रदेश में हो रही की विधायक को जेल भेजने आरएसएस और संगठन के विश्वासपात्र अभियोजन अधिकारी सोनू अग्रवाल को केस में लगा दिया। जिस कोर्ट में विधायक के जमानत आवेदन की सुनवाई हुई वह कोर्ट अलॉट न होते हुए भी उनके द्वारा वहां जमानत आवेदन में बहस की गई। ताकि विधायक बालेश्वर साहू को किसी भी सूरत में जमानत न मिले। यह पूरे शहर में चर्चा का विषय है।












