2 जिला प्रबंधकों ने आपस में सांठ-गाँठ कर लिए अमानक चावल को पास
मामला नागरिक आपूर्ति निगम बेमेतरा व कोरबा

कोरबा। कोरबा नागरिक आपूर्ति निगम का एक और सनसनीखेज कारनामा उजागर है जिसमें 2 जिले के जिला प्रबंधकों ने आपस में सांठ-गाँठ कर बिना क्वालिटी इस्पेक्टर की उपस्थिति में अमानक चावल के लॉट पास करा लिये। मामला है जिला कोरबा का हैं जहाँ के जिला प्रबंधक ने बिना किसी मुख्यालयीन आदेश के जिला बेमेतरा की जिला प्रबंधक सुश्री अलका शुक्ला से बेमेतरा में पदस्थ क्वालिटी इंस्पेक्टर की एलडी कोरबा में ट्रांसफर करवाकर लॉट पास करवा लिये जबकि किसी भी क्वालिटी इंस्पेक्टर की एलडी मुख्यालय के लिखित आदेश पर ही एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित की जा सकती है, जिला प्रबंधक बेमेतरा और जिला प्रबंधक कोरबा प्रमोद जांगड़े से मिली भगत कर महेश्वर सोनी की एलडी का उपयोग कर प्लेसमेंट क्यू आई जिसकी सेवा अवधि समाप्त हो चुकी है से धड़्डले से अनाप-शनाप गुणवत्ता के चावल की खरीदी करा ली। यह मामला तब उजागर हुआ जब महेश्वर लाल सोनी कोरबा गए ही नहीं और उनके एल डी से पेपर बनते रहे और मुख्यालय के आला अफसरों को इसकी भनक तक नही लगी। जब इसकी शिकायत हुयी की महेश्वर लाल सोनी कोरबा आया ही नही तो उसकी एलडी से पेपर बना कैसे ? और बेमेतरा जिले की जिला प्रबंधक ने बिना किसी आदेश के महेश्वर लाल सोनी की एलडी ट्रांसफर कैसे कर दी तब मुख्यालय हरकत में आया तब जाकर मुख्यालय में पदस्थ 2 एजीएम और एक तकनीकी कर्मी ने जिला कोरबा की जांच की जिसके बाद बेमेतरा की जिला प्रबंधक मामले को दबाने में लगी हुई हैं और अमानक चावल को खपाने के लिए कोरबा जिला प्रबंधक पूरी मेहनत करते नज़र आ रहे हैं। इसके बावजूद भी नियमों को ताक में रखकर बिना किसी आदेश के अपने जिले के क्वालिटी इंस्पेक्टर का नाम और एलडी ट्रांसफर करने वाली जिला प्रबंधक बेमेतरा के साथ रायपुर 2 जिलो का जिला प्रबंधक बना रखा है।
क्या है ट्रांसफर के नियम
क्वालिटी जिस जिले में मुख्यालय द्वारा पदस्थ किया जाता है वही वो चावल की गुणवत्ता की जाँच कर पेपर बनाते है। बिना मुख्यालयीन लिखित आदेश के कोई भी क्वालिटी इंस्पेक्टर दूसरे जिले में लॉट का पेपर नहीं बना सकते। लिखित मुख्यालयीन आदेश के बाद ही कोई जिला प्रबंधक क्वालिटी इंस्पेक्टर की एलडी अन्य जिले को ट्रांसफर कर सकता है।













