Tuesday, April 23, 2024
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जनहित में कार्यवाही की मांग को लेकर 27 फरवरी से आमरण अनशन पर बैठेंगे मुरली मनोहर शर्मा।

@ब्यूरो रिर्पोट जाज्वल्य न्यूज हिम्मत सच कहने की,जांजगीर–चांपा।

पामगढ़ ब्लॉक इन दिनों काफी सुर्खियों में है जिसका कारण है एस डी एम साहब द्वारा जारी किया गया एक आदेश जिस पर अभी तक औपचारिकता के नाम पर खानापूर्ति ही की गई है। जिसके बारे में अखबार ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की है। चूंकि यह आदेश आम जनता के स्वास्थ्य से संबंधित है जिसका सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य सहित उनके आर्थिक जीवन पर भी पड़ता है। फिर भी आदेश जारी होने के 4 महीने पूरे होने के बाद भी कोई सख्त कार्यवाही नहीं की गई है। जिसके कारण यह मामला आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है साथ ही शासन-प्रशासन के सुस्त रवैये के प्रति लोगों के मन में आक्रोश भी भरने लगा है।

आइए डालते हैं मामले में एक नजर

दरअसल पिछले वर्ष दिनांक 21.09.2022 को एस डी एम पामगढ़ द्वारा आदेश जारी किया गया था जिसके मुताबिक नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीकृत चिकित्सकों को छोड़कर अपात्र व्यक्तियों एवं अवैध निजी चिकित्सालय/पैथोलेब/क्लीनिक की जांच कर विधि अनुकूल कार्यवाही करना था। जिस पर खानापूर्ति करते हुए कार्यवाही भी की गई किंतु कार्यवाही के पीछे की सच्चाई सामने आते ही सभी जिम्मेदारों की पोल खुल गयी।साथ ही वे अपने ही दिए हुए कथनों में स्वयं ही उलझते चले गए। 16 जनवरी की जिस कार्यवाही को कुछ अखबारों में सीलबन्दी कार्यवाही बताई गई उस कार्यवाही पर बी एम ओ साहब का यह कथन सामने आया कि उस कार्यवाही में सीलबन्दी हुई ही नहीं थी।साथ ही यह भी बड़ा सवाल सामने आया कि यदि सीलबन्दी हुई भी थी तो अगली सुबह वे लैब आदि कैसे खुल गए?

लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदारों ने नहीं लिया संज्ञान
अखबार के द्वारा इस मामले के हर पहलू को जनता के सामने रखा गया। जिस पर जिम्मेदारों ने संज्ञान लेना और सख्त कार्यवाही करते हुए अवैध स्वास्थ्य संस्थाओं को सीलबन्द करना जरूरी क्यों नहीं समझा ये आज भी आम जनता के मन में बड़ा सवाल है। जिम्मेदारों का यह कहते रहना कि हमारे पास यही एक काम नहीं है आम जनता के गले से नहीं उतर रहा।

मामले में एक निजी शिक्षक और समाजसेवी ने उठाया यह कदम

एस डी एम साहब द्वारा जारी आदेश और उस पर केवल औपचारिकता निभाने वाली कार्यवाही से पूरी तरह अवगत होने पर पामगढ़ ब्लॉक के समीपस्थ ग्राम चंडीपारा के रहने वाले एक निजी शिक्षक मुरली मनोहर शर्मा ने आम जनता के स्वास्थ्य से सम्बंधित इस मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने का जिम्मा उठाया है।
आपको बता दें मुरली मनोहर शर्मा विगत 21 वर्षों से शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे हैं। वर्तमान में आजीवन शिक्षण शुल्क में वृद्धि नहीं करने के संकल्प के साथ संस्कार कोचिंग क्लासेज़ का संचालन भी करते हैं। लोककल्याण की भावना से इन्होंने सपरिवार देहदान का संकल्प भी ले लिया है साथ ही आम जनता से संबंधित समस्याओं को सुलझाने जनहित में आमरण अनशन भी करते रहे हैं जिनका सुखद परिणाम जनता के हित में ही आता रहा है।

कार्यवाही की मांग को लेकर आमरण अनशन करने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


मुरली मनोहर शर्मा ने जिम्मेदारी उठाते ही एस डी एम साहब के जारी किए आदेश पर सख्त और विधिसम्मत कार्यवाही की मांग करते हुए जनहित में आमरण अनशन करने का ज्ञापन कलेक्टर साहब को सौंपा जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कार्यवाही की आड़ में भ्रष्टाचार होने की शंका व्यक्त करते हुए सख्त कार्यवाही करते हुए अवैध स्वास्थ्य संस्थाओं के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही यदि 26 फरवरी तक विधिसम्मत कार्यवाही नहीं की गई तो वे 27 फरवरी से जांजगीर जिले के कचहरी चौक में जनहित में आमरण अनशन प्रारंभ करेंगे जो तब तक जारी रहेगा जब तक पामगढ़ ब्लॉक में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थाओं को विधिवत सील नहीं कर दिया जाता।साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि ज्ञापन सौंपने से लेकर आमरण अनशन पूर्ण होने तक उनके या उनके परिवार को कोई क्षति पहुँचती है या उनके तथा उनके परिवार के किसी भी सदस्य के साथ प्रशासनिक दबावपूर्ण या आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार किया जाता है तो उसके फलस्वरूप उनके साथ घटने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए आदेश से संबंधित अधिकारियों सहित शासन-प्रशासन भी जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपने के साथ ही शर्माजी ने उनके द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम भी ज्ञापन दिया है।

आइए जानते हैं इस मामले में शर्माजी के विचार।
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ब्लॉक में जितने भी अवैध स्वास्थ्य संस्थाएँ संचालित हैं उन पर नर्सिंग होम एक्ट के तहत विधि अनुकूल कार्यवाही की जाए। आदेश जारी होने के बाद आज 4 माह पश्चात भी कार्यवाही पूरी नहीं की जा सकी है जो निश्चित रूप से विचारणीय है। चूँकि मैं भी एक आम नागरिक हूँ इसलिये अपने नैतिक कर्तव्य को समझते हुए मुख्यमंत्री महोदय सहित उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर निश्चित समयावधि में कार्यवाही पूर्ण कराने की मांग की है।यदि उस निश्चित समयावधि में कार्यवाही पूरी नही की जाती तो मेरे द्वारा कार्यवाही की मांग को लेकर जनहित में 27 फरवरी से जांजगीर के कचहरी चौक में आमरण अनशन किया जाएगा। जो मांगे पूरी होने तक चलता ही रहेगा।

अब देखना ये है कि क्या शासन प्रशासन आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वाले अवैध स्वास्थ्य संस्थाओं पर निश्चित समय में कार्यवाही कर लोगों को राहत देती है या एक बार फिर शर्माजी को आमरण अनशन पर बैठने के लिए विवश करती है।

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